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UP News : रिटायरमेंट के बाद भी विकास प्राधिकरणों में नौकरी करने वालों पर शिकंजा, आवास विभाग ने तलब की सूची
Mon, 24 Jul 2023 09:45 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 24 Jul 2023 09:45 PM IST
सार
आवास विभाग को इस मामले की जानकारी अप्रैल-2021 में हुई थी। इस पर शासन ने ऐसे कर्मियों के पेंशन से वसूली कराने को कहा था। लेकिन पेंशन निर्धारण में खामियों को आधार पर कई अभियंताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दिया था। तभी से यह मामला लटक गया था।
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एलडीए (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों में रिटायर होने के बाद भी केन्द्रीयत सेवा के कई इंजीनियरों के नौकरी करने के मामले में अब शासन कार्रवाई करने जा रहा है। आवास विभाग ने सभी विकास प्राधिकरणों से ऐसे इंजीनियरों व टाउन प्लानरों की सूची मांगी है, जो 58 साल में रिटायरमेंट के सारे लाभ लेने के बाद भी नौकरी करते रहे हैं । अब ऐसे सभी कर्मियों से दो साल वर्ष के दौरान लिए गए वेतन आदि की वसूली की जाएगी। इस धनराशि की वसूली उनके पेंशन से किया जाएगा।
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बता दें कि इस मामले का खुलासा 2021 में हुआ था। मामला यह था कि शासन द्वारा 2009 में विकास प्राधिकरण में केन्द्रीयत सेवा के अधिकारियों व कर्मचारियों को 58 व 60 वर्ष में रिटायर होने का विकल्प भरने को दिया था। इसपर बहुत से इंजीनियरों, टाउन प्लानर समेत अन्य कर्मी भी 58 साल में रिटायरमेंट का विकल्प भरा था। इस आधार पर 58 साल में रिटायरमेंट का विकल्प भरने वाले लोगों को प्रोन्नत वेतनमान समेत अन्य लाभ दे दिए गए थे। इसके बावजूद तमाम लोग रिटायरमेंट की उम्र पूरी होने के बाद भी 60 साल तक नौकरी करते रहे और वेतन, भत्ते और वेतनवृद्धि का लाभ लेते रहे। ऐसे लोगों की संख्या 150 के करीब है । इनमें से दो करीब 20 इंजीनियर तो लखनऊ विकास प्राधिकरण के ही है।
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आवास विभाग को इस मामले की जानकारी अप्रैल-2021 में हुई थी। इस पर शासन ने ऐसे कर्मियों के पेंशन से वसूली कराने को कहा था। लेकिन पेंशन निर्धारण में खामियों को आधार पर कई अभियंताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दिया था। तभी से यह मामला लटक गया था। एक बार फिर इस मामले में कार्यवाही शुरू हुई है। रिटायरमेंट का लाभ लेने के बाद भी नौकरी करके वेतन, भत्ते व वेतन वृद्धि का लाभ लेने वाले इंजीनियरों व कर्मियों के बारे में जानकारी मांगी है, ताकि इनसे वसूली की जा सके।
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सभी विकास विकास प्राधिकरणों से ऐसे कर्मियों की सूची मांगी है। इनके द्वारा अनधिकृत रूप से लिए गए वेतन आदि की रिकवरी कराई जाएगी। - नीतिन रमेश गोकर्ण, अपर मुख्य सचिव आवास