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UP News : अब होम्योपैथी अस्पताल में भी मिलेगा टैबलेट और सीरप
Sun, 04 Dec 2022 11:40 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 04 Dec 2022 11:40 PM IST
सार
प्रदेश में करीब 1584 राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय हैं। यहां हर साल करीब 1.78 करोड़ मरीज इलाज कराते हैं। होम्योपैथिक अस्पतालों में तरल पदार्थ में मौजूद दवा को मीठी गोली में मिलाकर दिया जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश के होम्योपैथिक चिकित्सा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है। अब सरकारी होम्योपैथिक अस्पतालों में मीठी गोली की जगह टैबलेट और सीरप मिलेगा। विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है।
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प्रदेश में करीब 1584 राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय हैं। यहां हर साल करीब 1.78 करोड़ मरीज इलाज कराते हैं। होम्योपैथिक अस्पतालों में तरल पदार्थ में मौजूद दवा को मीठी गोली में मिलाकर दिया जाता है। अब इसमें बदलाव किया जा रहा है। यहां भी एलोपैथ की तरह टैबलेट और सीरप देने की तैयारी है। दवाओं का फार्मूला पहले जैसा ही होगा।
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इस रणनीति के जरिए मरीजों को होम्योपैथिक अस्पताल की ओर आकर्षित किया जाएगा। इस संबंध में होम्योपैथिक निदेशालय ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। नए सत्र में दवाओं की खरीद में तरल पदार्थ के बजाय टैबलेट और सीरप खरीदने का प्रस्ताव दिया गया है। होम्योपैथिक निदेशक डॉ. अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि नई दिल्ली सहित कुछ राज्यों में होम्योपैथिक दवाओं के पैटर्न में बदलाव किया गया। इससे वहां मरीजों की संख्या बढ़ी है। यह प्रयोग अब यहां भी लागू करने की तैयारी है।
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ओपीडी व्यवस्था सुधारने के निर्देश
होम्योपैथिक निदेशक ने बताया कि होम्योपैथिक अस्पतालों की ओपीडी की व्यवस्था में भी सुधार किया जा रहा है। होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों एवं जिला स्तरीय अस्पतालों में मरीजों के बैठने, दवा काउंटर आदि की व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है। अब डिस्पेंसरी में भी सुधार किया जा रहा है। डॉक्टरों की उपस्थिति पर भी निरंतर नजर रखी जा रही है। इसके लिए जांच की नई प्रणाली विकसित की गई है। इसमें डॉक्टरों को अस्पताल पहुंच कर वीडियो कॉल करने का निर्देश दिया गया है।