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UP News : प्रदेश के नौ महलों और हवेलियों को हेरिटेज होटल के रूप में करेंगे विकसित
Mon, 14 Aug 2023 06:18 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 14 Aug 2023 06:18 AM IST
सार
प्रदेश में हेरिटेज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार पुराने महल व हवेलियों को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करेगी। इसमें निजी क्षेत्र के निवेश से विरासत संपत्तियों को मूल गौरव के साथ पुनर्स्थापित कर पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
प्रदेश में हेरिटेज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार पुराने महल व हवेलियों को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करेगी। इसमें निजी क्षेत्र के निवेश से विरासत संपत्तियों को मूल गौरव के साथ पुनर्स्थापित कर पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा। साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन भी होगा।
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पर्यटन विभाग की ओर से लखनऊ की छतर मंजिल, मीरजापुर का चुनार का किला, झांसी का बरुआ सागर किला, लखनऊ की कोठी गुलिस्ता-ए-इरम, कोठी दर्शन विलास और कोठी रोशन, मथुरा के बरसाना जल महल, कानपुर का शुक्ला तालाब और बिठूर के टिकैतराय बारादरी को हेरिटेज होटल का रूप देने की तैयारी है। इसके लिए सरकार की ओर से न्यूनतम निवेश धनराशि 180 करोड़ रुपये तय की गई है।
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पर्यटन विभाग इन विरासत संपत्तियों में वेलनेस सेंटर, हेरिटेज होटल, माइस एक्टिविटी सेंटर, रिजॉर्ट, म्यूजियम, हेरिटेज रेस्टोरेंट, बुटिक रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, वेडिंग टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, होम स्टे, थीमैटिक पार्क और अन्य टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी यूनिट का निर्माण कराएगा। इस योजना में टूरिज्म इंडस्ट्री के प्रमुख संस्थानों ने रुचि भी दिखाई है।
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इसमें निवेश के लिए मुख्य रूप से लीला होटल्स, नीमराना होटल्स, इंडियन होटल्स कंपनी (ताज होटल्स), महिन्द्रा होटल्स एंड रिजॉर्ट, ओबेरॉय होटल्स, दि एमआरएस ग्रुप एंड रिजॉर्ट, ललित होटल्स, हयात रिजेंसी, सरोवर होटल्स एंड रिजॉर्ट्स, एकोर ग्रुप, टीएचएफ होटल्स, लैंजेर होटल्स, रॉयल आर्किड होटल्स, रमाडा होटल, क्लार्क होटल, ब्रिजरमा ग्रुप्स ऑफ होटल्स शामिल हैं।
इन सभी ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) में रुचि दिखाई है। पिछले दिनों हेरिटेज उद्यमियों ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकर प्रदेश के विरासत भवनों में अपनी रुचि प्रदर्शित की थी। वहीं पर्यटन विभाग की ओर से भी पांच राज्यों, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, ओडिशा और राजस्थान के विरासत भवनों का अध्ययन भी किया गया है।
प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने कहा कि परियोजना के लिए संस्था का चयन गुणवत्ता और लागत प्रणाली (क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सेलेक्शन) के आधार पर किया जाएगा। इसमें पुरातत्विक भवन के मूल स्वरूप में कोई परिवर्तन ना करने, भवन का उपयोग उसके पौराणिक तथा ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप करने, स्थानीय संस्कृति, खान-पान, कला, पोशाक, व्यंजन तथा सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। सीएसआर के अंतर्गत चयनित संस्था, पास के गांव को भी विकसित करेगी और 25 प्रतिशत स्थानीय नागरिकों को रोजगार दिया जाना शामिल है।