{"_id":"644f6b3ee4b0ca833c0b1230","slug":"up-news-geo-tagging-of-ayush-hospitals-became-a-game-medical-officers-sent-wrong-location-2023-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News : आयुष अस्पतालों को जियो टैगिंग करने में हो गया खेल, चिकित्साधिकारियों ने भेज दी गलत लोकेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News : आयुष अस्पतालों को जियो टैगिंग करने में हो गया खेल, चिकित्साधिकारियों ने भेज दी गलत लोकेशन
Mon, 01 May 2023 01:03 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 01 May 2023 01:03 PM IST
सार
प्रदेश के सभी आयुष (आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी) अस्पतालों का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। सभी अस्पतालों की जियो टैगिंग की जा रही है ताकि मरीजों को संबंधित अस्पताल पहुचने में किसी तरह की दिक्कत न हो।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश के आयुष अस्पतालों को जियो टैगिंग करने की रणनीति को प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने फेल कर दिया है। उन्होंने गलत लोकेशन भेज दी। कुछ ने तो अपने घर के आसपास की लोकेशन भेज दी है। मामला पकड़ में आने के बाद करीब 25 चिकित्साधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। इनसे स्पष्टीकरण लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
प्रदेश के सभी आयुष (आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी) अस्पतालों का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। सभी अस्पतालों की जियो टैगिंग की जा रही है ताकि मरीजों को संबंधित अस्पताल पहुचने में किसी तरह की दिक्कत न हो। जियो टैगिंग करने वाली कंपनी ने सभी अस्पतालों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों से अस्पताल की लोकेशन मांगी।
विज्ञापन
चिकित्साधिकारियों ने अस्पताल की लोकेशन देने के बजाय अपने घर के आसपास अथवा अस्पताल से दूर हटकर लोकेशन भेज दी है। सत्यापन के दौरान यह मामला पकड़ में आया। प्रदेश के 57 जिलों के सत्यापन में करीब 25 चिकित्साधिकारियों की मनमानी पकड़ी गई है। इन सभी को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कुछ जिलों का अभी सत्यापन चल रहा है।
विज्ञापन
गलत लोकेशन भेजने का मकसद
विभागीय सूत्र बताते हैं कि जियो टैगिंग के बाद आनलाइन हाजिरी की व्यवस्था भी लागू होनी है। ऐसे में चिकित्साधिकारियों को लगा कि वे गलत लोकेशन भेज कर आनलाइन हाजिरी से बच जाएंगे। कुछ ने जियो टैगिंग को गंभीरता से नहीं लिया। इस वजह से गलत लोकेशन भेज दी।