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Global Investors Summit UP : यूरोप के छह देशों से सबसे ज्यादा निवेश लाने की मुहिम, सीआईआई की टीम भी जुटी
Wed, 07 Dec 2022 06:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अनिल श्रीवास्तव, लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 07 Dec 2022 06:01 AM IST
सार
UP News: शासन के आला अधिकारी विदेशी निवेशकों के संपर्क हैं, पर उन्हें सर्वाधिक उम्मीदें यूरोप से हैं। यूरोप के छह देश फ्रांस, इंग्लैंड, नीदरलैंड, डेनमार्क, बेल्जियम और जर्मनी से ज्यादा से ज्यादा निवेशकों को यूपी लाने की कोशिश है। यूरोपीय देशों से 18 क्षेत्रों में निवेश की संभावना है।
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नजर यूरोप के निवेशकों पर...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अगले वर्ष फरवरी में होने से जा रहे यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सरकार का सबसे ज्यादा फोकस यूरोप के निवेशकों पर है। शासन के आला अधिकारी विदेशी निवेशकों के संपर्क हैं, पर उन्हें सर्वाधिक उम्मीदें यूरोप से हैं। यूरोप के छह देश फ्रांस, इंग्लैंड, नीदरलैंड, डेनमार्क, बेल्जियम और जर्मनी से ज्यादा से ज्यादा निवेशकों को यूपी लाने की कोशिश है। यूरोपीय देशों से 18 क्षेत्रों में निवेश की संभावना है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूरोपियन देशों के लिए अलग से टीम बनाई गई है। इसमें प्रदेश के छह महत्वपूर्ण विभागों के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों को मिशन यूरोप पर लगाया गया है। इसके अलावा कन्फेडेरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) के अधिकारी भी जुटे हैं। प्रदेश के जिन छह विभाग के अधिकारियों को मिशन यूरोप पर लगाया गया है, उनमें शहरी विकास, वस्त्रोद्योग, नियोजन, औद्योगिक विकास, परिवहन और आवास विभाग शामिल हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी निगरानी की जा रही है। ये अफसर पेरिस, लंदन, ब्रुसेल्स, स्टॉकहोम, हेग, फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख जैसे शहरों के उद्योग समूहों से यूपी में निवेश के लिए वार्ता कर रहे हैं।
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यूरोप से जिन 18 सेक्टरों में बड़े निवेश की उम्मीद है उनमें, ऊर्जा, रिटेल, रसायन, दवा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, ईवी मैन्युफैक्चरिंग, बुनियादी ढांचा, एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग, कपड़ा, रक्षा इंजीनियरिंग, प्रौद्यौगिकी, विनिर्माण, कृषि उपकरण, जल प्रबंधन, ग्रीन हाउस टेक्नालॉजी, वेंचर कैपिटलिस्ट और ट्रांसपोर्ट सेक्टर शामिल हैं। सरकार की ओर से इन सभी 18 सेक्टरों में काम कर रही बड़ी कंपनियों के साथ वार्ताओं का दौर लगातार जारी है।
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इन कंपनियों से हो रही है बात
- ऊर्जा : ब्रिटिश गैस, ईडीएफ एनर्जी, ई ऑन, एन पॉवर और एसईई
- रिटेल : श्वार्ज, एल्डी, कैरफोर, टेस्को, रेवे, एडेका, सैंसबरी, एहोल्ड डेलहैज और मेट्रो
- फार्मा : जीएसके पीएलसी, बायर एक्टिन्ग शेल्सक्राफ्ट, बायो एनटेक एसई, लोन्जा ग्रुप और जैज फॉर्मास्युटिकल्स
- केमिकल : लिंडे, एयर लिक्विड, बीएएसएफ , लिओन्डेल बेसेल इंडस्ट्रीज, ईएमएस केमी, सिमराइस, एग्जोनोबल और कोर्डा इंटरनेशनल
- ऑटोमोबाइल एंड ईवी मैन्युफैक्चरिंग : फॉक्स वैगन एजी, स्टेलांटिस एनवी, मर्सडीज बेंज, बेयरिश मोटर्न वर्के (बीएमडब्ल्यू), रिनॉल्ट, डैमलर ट्रक होल्डिंग, एबी वॉल्वो और डॉ इंग एचसीएफ पोर्श
- एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग: विटेरा, एग्रो डोनस राइस, एग्रोफर्ट, एरिडॉन, सॉफलेट, स्लैडॉनी और ग्रेन कॉम
- टेक्सटाइल्स: जेलेन्डो एसई, प्राडा, एलपीपी एसए और एलिस
- डिफेंस: एयरबस, थाइसेनक्रुप, बीएई सिस्टम, थेल्स, सैफरान, लियोनार्डो एसपीए, रॉल्स रॉयस और मेलरोज
- ग्रीन हाउस टेक्नोलॉजी: क्लाइम्ब वर्क, आइरॉन, इनसोलाइट, केरैगन, रेड सी, गॉथम ग्रीन, स्पॉन्श और ब्राइट फार्म
- वेंचर कैपिटल :ग्लोबल फाउंडर कैपिटल, हाईवेंचर, हाईटेक ग्रंडरफॉन्ड्स, हॉल्ट्जब्रिंक, पार इक्विटी, सीडकैंप और स्पीड इन्वेस्ट