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UP News: अवैध धर्मांतरण के आरोपी छांगुर को लेकर बलरामपुर पहुंची एटीएस, की जा रही जांच
Fri, 11 Jul 2025 02:30 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 11 Jul 2025 02:30 PM IST
सार
अवैध धर्मांतरण के आरोपी छांगुर को लेकर एटीएस की टीम शुक्रवार दोपहर बलरामपुर पहुंची। इस दौरान इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं।
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मामले की जांच करने पहुंची एटीएस।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की एक टीम शुक्रवार को उतरौला के मधपुर पहुंची। दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कार्पियो गाड़ी से एटीएस अवैध धर्मांतरण के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर को साथ लेकर आई।
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एटीएस सीधे मधपुर छांगुर के आवास पर पहुंची। पुलिस ने मधपुर जाने वाले रास्तों पर आवागमन रोक दिया। छांगुर को लेकर मकान में पीछे के रास्ते से टीम अंदर गई। वहां छानबीन करने में टीम जुटी है। अभी टीम पड़ताल कर रही है।
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तीन वर्षों में 500 करोड़ की फंडिंग हुई
जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को बीते तीन वर्षों में करीब 500 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग हुई है। इसमें से अभी बस 200 करोड़ की ही पुष्टि हो सकी है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार शेष 300 करोड़ रुपये का लेनदेन नेपाल के माध्यम से हुआ है।
फंडिंग के लिए काठमांडू सहित नेपाल के सीमावर्ती जिलों नवलपरासी, रुपनदेही व बांके में 100 बैंक खाते खुलवाए गए। उन्हीं में धर्म परिवर्तन कराने के लिए पाकिस्तान, दुबई, सऊदी अरब व तुर्किए से पैसे भेजे गए। एजेंट चार से पांच प्रतिशत कमीशन पर नेपाल के बैंक खातों से पैसे निकालकर सीधे छांगुर तक पहुंचा देते थे। इसमें कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) की भी मदद ली जाती थी।
रायबरेली में पकड़े गए साइबर अपराधियों को भी इसी कड़ी का एक हिस्सा बताया जा रहा है, जिनके तार पाकिस्तान और दुबई से भी जुड़े हैं। इस गिरोह ने करीब 700 करोड़ रुपये का लेनदेन किया है। इन्होंने अयोध्या के साथ ही लखनऊ, बलरामपुर व गोंडा में भी करोड़ों रुपये भेजे हैं।