{"_id":"637dcca820192e46cc53eec7","slug":"up-news-275-crores-will-be-spent-in-the-villages-included-in-the-bodies-before-the-elections","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News : चुनाव के पहले निकायों में शामिल गांवों को कराएंगे शहरी अहसास, विकास पर खर्च होंगे 275 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News : चुनाव के पहले निकायों में शामिल गांवों को कराएंगे शहरी अहसास, विकास पर खर्च होंगे 275 करोड़
Wed, 23 Nov 2022 01:04 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 23 Nov 2022 01:04 PM IST
सार
275 करोड़ की धनराशि में से नगर निगमों में शामिल होने वाले गांवों के लिए 35.75 करोड़, नगर पालिका परिषदों की सीमा में शामिल गांवों के लिए 29.425 करोड़, नगर पंचायतों में शामिल गांवों के लिए 26.675 करोड़ और नवगठित नगर पंचायतों के लिए 183.15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
स्ट्रीट लाइट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चुनाव से पहले नगर निकायों में शामिल हुए गांव के लोगों को शहरी होने का अहसास कराया जाएगा। इसके लिए करीब 275 करोड़ रुपये की अलग से व्यवस्था की गई है। नगर विकास विभाग निकायों में शामिल गांवों के विकास का खाका तैयार कराया है। निकायों में शामिल गांवों में फिलहाल प्रमुख रूप से तीन ही काम कराये जाएंगे, जिनमें स्ट्रीट लाइट लगाने, सफाई-व्यवस्था और खराब गलियों व सड़कों का मरम्मत का काम शामिल है।
विज्ञापन
दरअसल प्रदेश सरकार ने अपने विकास के एजेंडे में छोटे-छोटे कस्बों समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी शहरी सुविधाएं मुहैया कराने को शामिल किया था। इसी कड़ी में सरकार के करीब छह वर्ष के कार्यकाल में करीब अब तक 130 नगर निकायों के सीमा का जहां विस्तार किया गया है। वहीं, 111 कस्बों को नए नगर निकाय के रुप में गठित किया गया है। इस प्रकार से 241 नगर निकायों में 350 से अधिक गांवों को शामिल किया जा चुका है। इसलिए सरकार की मंशा है कि नगर निकाय चुनाव से पहले निकायों में शामिल गांवों में कम से कम इतना काम तो अनिवार्य रूप से शुरू करा दिया जाए, जिससे निकाय सीमा में शामिल होने वाले गांव के लोगों के इस बात का अहसास होने लगे कि वह भी शहरी क्षेत्र के हिस्सा बन चुके है।
विज्ञापन
अब चूंकि नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन चुनाव के कार्यक्रम घोषित नहीं किए गए हैं। इसलिए सरकार की कोशिश है कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले नगर निकायों में शामिल नये गांवों में विकास का काम शुरू कर दिया जाए। इसके लिए तत्काल होने वाले काम शुरू कराने के निर्णय लिए गए हैं। वहीं, नगर विकास विभाग ने 275 करोड़ रुपये की व्यवस्था अलग से की है। इस धनराशि से ही नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में शामिल गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने, सफाई कराने और खराब सड़कों के मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
चूंकि नगर निकायों में शामिल गांवों में अब तक शहरों की तरह मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। वहीं, नगर निकायों के पास भी इतने संसाधन नहीं है कि इन गांवों में तत्काल विकास का काम शुरू कराया जा सके। इसलिए नगर विकास विभाग ने पहले ही नवगठित और विस्तारित नगर निकायों से सीमा क्षेत्र में शामिल गांवों के विकास का प्लान तैयार करने को कहा था। जिसमें गांवों में शहरों जैसी मूलभूत सुविधाओं मुहैया कराने का प्रस्ताव मांगा गया था। लेकिन धनराशि की कमी की वजह से नगर निकायों द्वारा यह प्रस्ताव तैयार नहीं किया जा सका है और चुनाव सिर पर है। इसके मददेनजर नगर विकास विभाग द्वारा अपने स्तर 275 करोड़ की व्यवस्था करके फिलहाल तीन काम कराने का फैसला किया गया है।
निकायवार आवंटित धनराशि
शासन द्वारा की गई 275 करोड़ की धनराशि में से नगर निगमों में शामिल होने वाले गांवों के लिए 35.75 करोड़, नगर पालिका परिषदों की सीमा में शामिल गांवों के लिए 29.425 करोड़, नगर पंचायतों में शामिल गांवों के लिए 26.675 करोड़ और नवगठित नगर पंचायतों के लिए 183.15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।