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यूपी: पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत कल; बिजली, मुआवजा और बैंक रिकवरी जैसे मामले हो सकते हैं हल
Fri, 08 May 2026 07:02 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 08 May 2026 07:02 AM IST
सार
Lok Adalat in UP: यूपी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन नौ मई को होगा। इस संबंध में मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी दी।
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राष्ट्रीय लोक अदालत।
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर अहम दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 9 मई को सभी जिलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा। इसके सफल संचालन के लिए सभी विभाग सकारात्मक प्रयास करें। अधिक से अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों की पहचान कर उनका निस्तारण कराएं। प्रत्येक विभाग से एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए तथा सभी बैंक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर बैंक रिकवरी से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन की मदद से जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि आमजन की भागीदारी बढ़ाई जा सके। डिजिटल प्लेटफॉर्म व आधुनिक तकनीक का उपयोग कर आमजन को इसके लाभों से अवगत कराएं। प्रचार-प्रसार के लिए आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया जा सकता है।
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पक्षकारों को समय पर नोटिस और समन की तामील सुनिश्चित की जाए। बैंक वसूली मामले के नोटिस तामील कराने में चौकीदारों की सहायता ली जाए। आयोजन से पूर्व, बार एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक की जाए। बिजली विभाग द्वारा लंबित अदालती मामलों की कंपाउंडिंग से संबंधित विवरण न्यायालयों को उपलब्ध कराएं, ताकि इनका निस्तारण लोक अदालत में किया जा सके। 21 दिसंबर, 2021 से पहले के सभी मोटर वाहन अधिनियम चालान के निपटान के लिए जिला न्यायालयों में प्रस्तुत किया जाए।
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जिला न्यायालय सहित कई स्थानों पर विद्युत विभाग द्वारा ओटीएस योजना के तहत समाधान शिविर का आयोजन भी किया जा सकता है। मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन कोर्ट परिसर या जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेजों के परिसर में किया जाए। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को जेल में प्रदर्शित उत्पादों की तर्ज पर राष्ट्रीय लोक अदालत में स्टालों के माध्यम से भी प्रदर्शित किया जाए। विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को लोक अदालतों में स्टॉल लगाकर और साथ ही लाभार्थियों का पंजीकरण कर लोकप्रिय बनाया जा सकता है। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।