मुलायम से हुई बड़ी गलती, खफा हो गए मुस्लिम!
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के तमौली गांव को गोद लेने से मुस्लिम बिरादरी उनसे नाखुश है। बिना मुस्लिम आबादी वाले इस गांव को मुलायम सिंह ने सांसद आदर्श गांव योजना के लिए चुना है।
आजमगढ़ की राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष आमिर राशिद का कहना है, ‘मुलायम सिंह तो यूपी के मोदी बन गए हैं। मोदी ने भी जयापुर गांव गोद लिया है जिसमें मुस्लिम आबादी नहीं है। फिर उन दोनों में फर्क ही क्या हुआ।’
इत्तेफाक से मोदी ने जयापुर गांव को गोद लेने का फैसला तब लिया था जब ये गांव एक दुर्घटना के बाद खबरों में आया। यहां एक पावरलाइन के गिरने से आग लग गई थी जिसमें पांच लोग झुलस गए थे।
गांव में मुस्लिम आबादी नहीं है। हालांकि तमौली की आबादी 3,356 है जिसमें 85 प्रतिशत आबादी यादव बिरादरी की है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, गांव के प्रधान राम लखन यादव ने बताया है कि गांव में कोई मुस्लिम नहीं है।
यादव बिरादरी को रिझाने की कवायद
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आजमगढ़ सीट जीतने में मुलायम सिंह को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। खासकर यादव वोटर्स का सपा से मोहभंग हो जाना इसकी मुख्य वजह थी।
ऐसे हालात में ये यादव वोटर्स को रिझाने की एक कोशिश हो सकती है। एक मीनारा मस्जिद के कारी कुतुबुद्दीन का कहना है, ‘मुलायम सिंह ने जो गांव चुना है उससे मुस्लिम सोच में पड़ गया है। जिसने भी गांवों को चुनने के लिए सूची बनाई है उसने इस बात पर ध्यान नहीं दिया मगर इस गलती को सुधारा जा सकता था।
आजमगढ़ के डीएम रणवीर प्रसाद का कहना है, ‘गांवों को चुनने के लिए कराए गए सर्वे में गांवों की जनसंख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
मुलायम के निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि हवलदार यादव का कहना है कि ये गांव इसलिए चुना गया क्योंकि जिला मुख्यालय से करीब है और विकसित नहीं है। हवलदार पार्टी कि जिला इकाई के अध्यक्ष भी हैं।