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यूपी: ग्रामीण महिलाओं ने तैयार किए 56 लाख से भी ज्यादा मास्क
Sat, 23 May 2020 10:35 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 23 May 2020 10:35 AM IST
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घर पर मास्क बना रहीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला।
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लॉकडाउन के कारण आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे ग्रामीण परिवारों को रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने बड़ी योजना पर काम शुरू किया है। प्रदेश में 12 हजार 709 स्वयं सहायता समूहों ने करीब 56 लाख 34 हजार 939 मास्क बनाए हैं। इनमें से करीब 43 लाख 05 हजार 822 मास्क बिक चुके हैं। वहीं 373 स्वयं सहायता समूहों ने करीब 26 हजार 901 पीपीई किट तैयार की हैं।
लखनऊ के बख्शी का तालाब ब्लॉक के गंगा सहायता समूह ने अब तक 40 हजार मास्क, 443 पीपीई किट बनाए हैं। गांव नवादा में 9 समूह कार्य कर रहे हैं, जिनमें 100 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। एक दिन में करीब 1500 मास्क तैयार किए जा रहे हैं।
गंगा स्वयं सहायता समूह में सखी व सदस्य के तौर पर काम रही सरिता यादव के मुताबिक सरकार द्वारा दिए गए खादी के कपड़े से मास्क बनाया जा रहा है। यही नहीं, सरकार द्वारा पीपीई किट के लिए भी कपड़ा उपलब्ध कराया गया है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान उन्हें करीब 10 हजार रुपये का रोजगार मिला है।
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लखनऊ के बख्शी का तालाब ब्लॉक के गंगा सहायता समूह ने अब तक 40 हजार मास्क, 443 पीपीई किट बनाए हैं। गांव नवादा में 9 समूह कार्य कर रहे हैं, जिनमें 100 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। एक दिन में करीब 1500 मास्क तैयार किए जा रहे हैं।
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गंगा स्वयं सहायता समूह में सखी व सदस्य के तौर पर काम रही सरिता यादव के मुताबिक सरकार द्वारा दिए गए खादी के कपड़े से मास्क बनाया जा रहा है। यही नहीं, सरकार द्वारा पीपीई किट के लिए भी कपड़ा उपलब्ध कराया गया है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान उन्हें करीब 10 हजार रुपये का रोजगार मिला है।
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