यूपी: विधानसभा का मानसून सत्र आज से, सरकार सार्थक बहस को तैयार
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विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू होगा। हालांकि, पहले दिन विधानसभा की कार्यवाही दिवंगत सदस्य जगन प्रसाद गर्ग को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित हो जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित की अध्यक्षता में बुधवार को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विधानसभा के 18 से 26 जुलाई तक के कार्यक्रमों पर विचार किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 19 को अध्यादेशों एवं अधिसूचनाओं को सदन के पटल पर रखा जाएगा। 23 जुलाई को अनुपूरक बजट रखा जाएगा। 24 को अनुपूरक अनुदानों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित किया जाएगा। 25, 26 जुलाई को अन्य मदों के साथ विधेयकों के प्रस्तुतिकरण व पारित करने का कार्य होगा।
सरकार सार्थक बहस को तैयार, सदन की भाषा मर्यादित होनी चाहिए : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन पक्ष एवं विपक्ष दोनों से मिलकर बनता है। सदन की भाषा मर्यादित होनी चाहिए। सरकार जनहित के मुद्दों पर सदन में सार्थक बहस के लिए तैयार है। सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित नहीं होनी चाहिए। इससे जनता में जनप्रतिनिधियों के बारे में गलत संदेश जाता है।
योगी आदित्यनाथ बुधवार को विधानमंडल के मानसून सत्र से एक दिन पहले सर्वदलीय बैठक में बोल रहे थे। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने सभी दलीय नेताओं से मानसून सत्र के संचालन में सहयोग मांगा। बैठक में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी समेत सभी दलों के नेताओं ने सहयोग का आश्वासन दिया।
नेता सदन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन में लोकहित से जुड़े विषयों पर बहस होनी चाहिए। आरोप-प्रत्यारोप, टोका-टोकी और शोरगुल के बीच सदस्यों की विकास से जुड़ी बाते नहीं आ पाती हैं। सदस्यों की अच्छी बातें भी उपेक्षित रह जाती हैं। तैयारी करके सदन में आने वाले विधायकों को अपनी बात कहने का अवसर नहीं मिल पाता है। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश, देश की सबसे बड़ी विधानसभा है। सदन की कार्यवाही पर देश और दुनिया की निगाहें होती है।
लोकसभा से तुलना हो तो बढ़ेगा प्रदेश का महत्व
योगी ने संसद की कार्यवाही का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के नियमों में समय-समय पर संशोधन हुआ है। विधानसभा में इन व्यवस्थाओं का अनुसरण किया जाना चाहिए। यूपी विधानसभा की तुलना लोकसभा से की जाए तो प्रदेश का महत्व बढ़ेगा।
प्रयास हो कि प्रश्नों का सही उत्तर आए : रामगोविंद
नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि सदन परंपराओं से चलते हैं। हम चाहते हैं कि सदन सुचारु रूप से चले। यदि मंत्री प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर देते हैं अनुपूरक सवाल अपने आप कम हो जाते हैं। कोशिश होनी चाहिए कि सरकार की ओर से प्रश्नों का सही उत्तर आए। अफसरों को निर्देशित किया जाए कि वे प्रश्नों का समुचित उत्तर प्रस्तुत करें।
भाषा मर्यादित रहे, शिष्टाचार बना रहे : लालजी
बसपा के नेता लालजी वर्मा ने कहा कि विपक्ष की भावनाओं की कद्र होनी चाहिए। हम एक-दूसरे के दुश्मन नहीं है। सदन में सभी की भाषा मर्यादित होनी चाहिए, शिष्टाचार बना रहना चाहिए। बैठक में कांग्रेस से मसूद अख्तर, अपना दल (एस) के नेता नील रतन पटेल, सुभासपा के नेता ओम प्रकाश राजभर ने भी विचार रखे। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सभी से सहयोग की अपील की।
जनता चाहती है कार्यवाही में न हो व्यवधान : दीक्षित
बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने मीडियाकर्मियों से कहा कि सदन की कार्यवाही सुचारु, गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। जन समस्याओं पर सभी दलों को औचित्यपूर्ण चर्चा करनी चाहिए। प्रतिपक्ष और सत्ता पक्ष ने आश्वासन दिया है कि कार्यवाही ठीक प्रकार और शालीनता से चलाने में सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग घरों में बैठकर सदन की कार्यवाही देखते हैं। जनता कार्यवाही में व्यवधान नहीं चाहती है। उन्होंने बैठक में सभी दलीय नेताओं से अनुरोध किया कि वे सदन में अपना पक्ष शालीनता एवं संसदीय मर्यादाओं में रखे।