प्रचंड जीत : एमएलसी की 36 में से 33 सीटों पर भाजपा, 27 सीटों पर हुए मतदान में 24 जीती, नौ निर्विरोध
यूपी विधान परिषद के चुनाव परिणाम घोषित हो गए हैं। इन चुनाव में भाजपा को बंपर जीत मिली है। 36 में से 33 सीटें भाजपा ने अपने नाम की हैं। हालांकि, वाराणसी में निर्दलीय प्रत्याशी अन्नपूर्णा सिंह को जीत मिली है।
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विस्तार
विधान परिषद की स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र की 36 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल कर उच्च सदन में पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया। मंगलवार को आए नतीजों में भाजपा 36 में से 33 सीटों पर विजयी रही। इनमें 27 सीटों के लिए वोटिंग हुई। इनमें से 24 भाजपा जीती। उसके नौ उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। वहीं, तीन सीटों पर निर्दलीयों ने जीत हासिल की। सपा का सूपड़ा साफ हो गया। 100 सदस्यों वाली परिषद में 66 भाजपा के हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी महत 17 सीटों पर सिमट कर रह गई।
विधानसभा के बाद विधान परिषद में भी भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद अब योगी सरकार को दोनों सदनों में विधेयक और प्रस्ताव दोनों पारित कराने में आसानी होगी। हालांकि इसे योगी सरकार का कुशल राजनीतिक प्रबंधन ही कहा जाएगा कि अल्पमत में होने के बाद भी पहले कार्यकाल में एक भी ऐसा प्रस्ताव या विधेयक नहीं हुआ जो अल्पमत के कारण पास न हुआ हो।
योगीराज के 5 साल में सात सदस्य से 66 तक पहुंचे
वर्ष 2017 में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी थी, उस समय परिषद में उसके महत सात सदस्य थे। वहीं, सपा, बसपा, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के 93 सदस्य थे। स्थिति ऐसी थी कि उस दौरान मुख्यमंत्री, तत्कालीन दोनों उप मुख्यमंत्री और तीन मंत्री किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। छह माह में उन्हें किसी एक सदन का सदस्य बनाने के लिए भाजपा को सपा और बसपा के छह सदस्यों का परिषद से इस्तीफा कराकर पार्टी में शामिल कराना पड़ा। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में भाजपा परिषद में अल्पमत में रही। परिषद में बहुमत हासिल करने के लिए भाजपा ने साल भर पहले तैयारी शुरू कर दी थी। सपा के सात सदस्यों को तोड़कर पार्टी में शामिल कराया गया था। प्रत्याशी चयन में भी पार्टी ने काडर को मौका देकर एक-एक सीट पर मजबूत चुनाव प्रबंधन किया। नतीजन मंगलवार को आए परिणाम के बाद परिषद में भाजपा की सदस्य संख्या 33 से बढ़कर 66 हो गई है।
अब उच्च सदन की स्थिति
भाजपा 66, सपा 17, बसपा चार, कांग्रेस एक, अपना दल एक, निषाद पार्टी एक, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक एक, शिक्षक दल दो, निर्दल समूह एक, निर्दलीय 3। तीन पद रिक्त हैं।
इन तीन सीटों पर भाजपा की हार
- वाराणसी में निर्दल प्रत्याशी बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह ने भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुदामा सिंह पटेल को एकतरफा मुकाबले में हरा दिया है।
- आजमगढ़-मऊ सीट पर भाजपा के बागी यशवंत सिंह के बेटे विक्रांत सिंह उर्फ रिशू ने भाजपा उम्मीदवार अरुण यादव और प्रतापगढ़ सीट पर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक प्रत्याशी अक्षय प्रताप सिंह ने भाजपा उम्मीदवार हरि प्रताप सिंह को भारी मतों से हराया।
मुकाबला भी करती नहीं दिखी सपा
सपा किसी भी सीट पर मुकाबले में ही नहीं दिखी। अधिकतर सीटों पर सपा एक चौथाई वोट भी हासिल नहीं कर सकी। लखनऊ-उन्नाव स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर भाजपा के रामचंद्र प्रधान ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले सुनील साजन को बड़े अंतर से हराया। बस्ती में अखिलेश के एक अन्य करीबी संतोष यादव उर्फ सनी को भी करारी हार का सामना करना पड़ा है।
जुलाई में 80 पार हो जाएगी भाजपा
यूपी विधान परिषद में 66 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल कर चुकी भाजपा के सदस्यों की संख्या जुलाई में 82 तक पहुंच जाएगी। विधान परिषद मे मनोनीत कोटे की तीन सीटों का कार्यकाल 28 अप्रैल और तीन सीटों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। मनोनीत कोटे की सभी छह सीटों पर भाजपा के सदस्य मनोनीत किए जाएंगे। इनमें हालही में योगी सरकार में शामिल किए गए ऐसे मंत्रियों को मनोनीत किया जाएगा जो फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं है। वहीं जुलाई में विधानसभा क्षेत्र की 14 सीटों का चुनाव होना है। विधानसभा में सदस्य संख्या की दृष्टि से 14 में से करीब 10 सीटों पर भाजपा को जीत मिल सकती हैं।
योगी के नेतृत्व में मिली सफलता
विधानसभा चुनाव में 36 साल बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की लगातार दूसरी बार सरकार बनने का रिकार्ड बना। वहीं अब योगी के नेतृत्व में भी विधान परिषद में भाजपा को पहली बार पूर्ण बहुमत प्राप्त करने का रिकार्ड बना है।
भाजपा की एकतरफा जीत
मंगलवार को हुई मतगणना में 27 सीटों में से 24 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी ने एक तरफा जीत हासिल की। बाकी तीन सीटों में दो पर निर्दल उम्मीदवार विजयी हुए। एक सीट जनसत्ता दल लोकतंात्रिक के खाते में गई। सपा के सभी दिग्गज भाजपा के सामने धराशायी हो गए। बाकी 9 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए थे।
कहां, कौन बना विजेता, देखें- पूरी सूची
- बहराइच-श्रावस्ती से BJP की प्रज्ञा त्रिपाठी जीतीं
- रायबरेली से बीजेपी के दिनेश प्रताप सिंह जीते
- जौनपुर से भाजपा प्रत्याशी बृजेश सिंह प्रिंशू जीते
- देवरिया-कुशीनगर से भाजपा प्रत्याशी रतनपाल सिंह जीते।
- लखनऊ-उन्नाव से भाजपा प्रत्याशी रामचंद्र प्रधान जीते।
- बाराबंकी से भाजपा के अंगद कुमार सिंह की जीत।
- आगरा-फिरोजाबाद से भाजपा के विजय शिवहरे जीते।
- बलिया में बीजेपी के रविशंकर सिंह पप्पू की जीत।
- प्रयागराज में बीजेपी के डॉ केपी श्रीवास्तव की जीत।
- वाराणसी में निर्दलीय प्रत्याशी अन्नपूर्णा सिंह जीतीं।
- मेरठ में भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र भारद्वाज चुनाव जीते।
- सीतापुर से भाजपा प्रत्याशी पवन सिंह चौहान जीते।
- गाजीपुर से भाजपा प्रत्याशी विशाल सिंह चंचल जीते।
- मुरादाबाद से भाजपा प्रत्याशी सतपाल सैनी चुनाव जीते।
- आजमगढ़ में निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत सिंह रिशु जीते।
- गोरखपुर से भाजपा प्रत्याशी सीपी चंद चुनाव जीते।
- सुल्तानपुर से भाजपा प्रत्याशी शैलेन्द्र प्रताप सिंह जीते।
- बस्ती से भाजपा प्रत्याशी सुभाष यदुवंश चुनाव जीते।
- फर्रुखाबाद से भाजपा प्रत्याशी प्रांशु दत्त चुनाव जीते।
- झांसी से भाजपा प्रत्याशी रमा निरंजन चुनाव जीतीं।
- गोंडा से भाजपा के अवधेश कुमार सिंह की जीत।
- प्रतापगढ़ से निर्दलीय अक्षय प्रताप सिंह की जीत।
- अयोध्या में भाजपा प्रत्याशी हरिओम पांडे चुनाव जीते
- फतेहपुर से भाजपा प्रत्याशी अविनाश सिंह चौहान जीते।
- बरेली में भाजपा प्रत्याशी महाराज सिंह चुनाव जीते।
ये सीटें निर्विरोध जीती भाजपा
बदायूं वागीश पाठक
हरदोई अशोक कुमार
खीरी अनूप कुमार गुप्ता
मिर्जापुर-सोनभद्र श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह
बांदा-हमीरपुर जितेंद्र सिंह सेंगर
मथुरा एटा-मैनपुरी आशीष कुमार यादव
मथुरा एटा-मैनपुरी ओम प्रकाश
अलीगढ़ ऋषिपाल सिंह
बुलंदशहर नरेंद्र सिंह भाटी