{"_id":"5f8d7ebde9d6612c3c24103d","slug":"up-minister-launched-one-citizen-app-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ वन सिटीजन एप लांच, हाउस टैक्स जमा करने सहित शिकायतें भी घर बैठे कर सकेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ वन सिटीजन एप लांच, हाउस टैक्स जमा करने सहित शिकायतें भी घर बैठे कर सकेंगे
Mon, 19 Oct 2020 07:51 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 19 Oct 2020 07:51 PM IST
विज्ञापन
एप लांच करते कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम से जुड़ जनसमस्याओं के त्वरित निस्ताण को लेकर नगर निगम ने लखनऊ वन सिटीजन एप शुरू कर दिया है। सोमवार को नगर निगर विकास मंत्री ने एप सुविधा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एप से शहरवासी घर बैठे ही शिकायत दर्ज कर सकेंगे। उन्हें इधर उधर दौड़ना नही पड़ेगा। निदेशक स्थानीय निकाय कार्यालय में उसको लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें महापौर संयुक्ता भाटिया, सचिव नगर विकास अनुराग यादव और नगर आयुक्त अजय द्विवेदी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
एप से मिलने वाली सुविधाओं के बावत नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि एप पर गृहकर जमा करने की सुविधा भी दी गई है। एप के जरिए शहरवासी सड़क, सफाई, मार्ग प्रकाश, मृत पशु निस्तारण, सीवर, पेयजल और पार्क आदि से संबंधित शिकायतों को दर्ज कर सकेंगे। एप पर दर्ज होने वाले शिकायतों के निस्तारण के लिए एक अलग कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां पर एक अलग टीम नियुक्त की गई है। एप पर आने वाले शिकायतों संबंधित अधिकारियों को आटोमैटिक ट्रांसफर हो जाएंगी और शिकायत कर्ता को भी जानकारी चली जाएगी। निस्तारण के बाद उसकी रिपोर्ट भी शिकायत कर्ता को प्रमाण के साथ दी जाएगी। एप आने वाले शिकायतों की निगरारी अधिकारी किसी भी समय कर सकेंगे।
यह सेवाएं भी एप पर
नगर आयुक्त बताया कि चार कैटगिरी बनाई गई है उनमें नगर निगम से संबंधित , मेरे आसपास, हेल्प लाइन और स्मार्ट सिटी शामिल हैं। इनके जरिए आसानी से से शिकायत कर्ता संबंधित कैटगिरी पर जाकर जरूरत के हिसाब से आप्शन सेलेक्ट कर सकता है। मेरे आसपास आप्शन में नगर में संचालित 180 सामदुुयिक केंद्र, 189 सार्वजकिन शौचालय, होटल, अस्पताल, स्कूल, पार्क, एटीएम व यातायात सबंधी जानकारी की जानकारी मिलेगी। हेल्प् लाइन आपप्शन पर एंबुलेंस सेवा, महिला सहायता, नगर निगम कॉल सेंटर व आपात सेवाओं के नंबर मिलेंगे। इसी तरह स्मार्ट सिटी आप्शन पर आय-जाति व निवास प्रमाण पत्र से संबंधित किए गए आवेदन की जानकारी, ई वाहन और ई अस्पताल की जानकारी मिल सकेगी।
विज्ञापन
एप का उपयोग करने वालों को गृहकर में छूट का विचार
नगर आयुक्त ने बताया कि एप उपयोग को बढ़ावा देने के लिए महापौर ने गृहकर में तीन से दस प्रशितत तक छूट दिए जाने का सुझाव दिया है। जिस पर आवश्यक कार्यवाही कर आगे अमल किया जाएगा।
विज्ञापन
एप से मिलने वाली सुविधाओं के बावत नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि एप पर गृहकर जमा करने की सुविधा भी दी गई है। एप के जरिए शहरवासी सड़क, सफाई, मार्ग प्रकाश, मृत पशु निस्तारण, सीवर, पेयजल और पार्क आदि से संबंधित शिकायतों को दर्ज कर सकेंगे। एप पर दर्ज होने वाले शिकायतों के निस्तारण के लिए एक अलग कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां पर एक अलग टीम नियुक्त की गई है। एप पर आने वाले शिकायतों संबंधित अधिकारियों को आटोमैटिक ट्रांसफर हो जाएंगी और शिकायत कर्ता को भी जानकारी चली जाएगी। निस्तारण के बाद उसकी रिपोर्ट भी शिकायत कर्ता को प्रमाण के साथ दी जाएगी। एप आने वाले शिकायतों की निगरारी अधिकारी किसी भी समय कर सकेंगे।
विज्ञापन
यह सेवाएं भी एप पर
नगर आयुक्त बताया कि चार कैटगिरी बनाई गई है उनमें नगर निगम से संबंधित , मेरे आसपास, हेल्प लाइन और स्मार्ट सिटी शामिल हैं। इनके जरिए आसानी से से शिकायत कर्ता संबंधित कैटगिरी पर जाकर जरूरत के हिसाब से आप्शन सेलेक्ट कर सकता है। मेरे आसपास आप्शन में नगर में संचालित 180 सामदुुयिक केंद्र, 189 सार्वजकिन शौचालय, होटल, अस्पताल, स्कूल, पार्क, एटीएम व यातायात सबंधी जानकारी की जानकारी मिलेगी। हेल्प् लाइन आपप्शन पर एंबुलेंस सेवा, महिला सहायता, नगर निगम कॉल सेंटर व आपात सेवाओं के नंबर मिलेंगे। इसी तरह स्मार्ट सिटी आप्शन पर आय-जाति व निवास प्रमाण पत्र से संबंधित किए गए आवेदन की जानकारी, ई वाहन और ई अस्पताल की जानकारी मिल सकेगी।
विज्ञापन
एप का उपयोग करने वालों को गृहकर में छूट का विचार
नगर आयुक्त ने बताया कि एप उपयोग को बढ़ावा देने के लिए महापौर ने गृहकर में तीन से दस प्रशितत तक छूट दिए जाने का सुझाव दिया है। जिस पर आवश्यक कार्यवाही कर आगे अमल किया जाएगा।