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मंत्री जी! लाश ले जाने का कितना रुपया?
टीम डिजिटल/मुरादाबाद
Updated Sat, 23 Nov 2013 10:08 PM IST
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उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री मीडिया के सामने सरकारी अस्पतालों में बेहतरीन और मुफ्त इलाज का दावा कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति आया और राज्यमंत्री से मुखातिब हो सीधा सवाल दागा।
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सवाल था...मंत्री जी! अस्पताल से लाश ले जाने का कितना रुपया लगता है?
गुस्से से उसका चेहरा लाल था...आंखों में आंसू थे...राज्यमंत्री शंखलाल माझी के चेहरे का रंग बदल गया।
खुद निकल लिए मंत्रीजी
आरोप लगा कि एक हजार रुपया लेने के बाद ही डाक्टर एन के मिश्र ने उस ग्रामीण के भाई का इलाज शुरू किया था। शनिवार दोपहर उसकी मौत हो गई। साथ मौजूद डीएम से शाम तक जांच रिपोर्ट देने का निर्देश देकर मंत्री चलते बने तो दस मिनट बाद ही सिटी मजिस्ट्रेट अस्पताल पहुंच गए। दोनों पक्षों के बयान उन्होंने दर्ज किए।
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राजवीर सिंह नाम का यह ग्रामीण मंडी धनौरा का रहने वाला है। 21 नवंबर को उसने भाई महावीर सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। सिर में ट्ïयूमर से शरीर को लकवा हो गया था।
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ग्रामीण ने स्वास्थ्य राज्यमंत्री को बताया कि जिला अस्पताल के डाक्टर एन के मिश्रा ने कहा, 'जो रुपया देता है वही ठीक होकर जाता है, रुपया न देने वाला ठीक नहीं होता...।'
इसके बाद 500-500 रुपए दो बार में डाक्टर को दिए। इस आरोप से जिला अस्पताल की व्यवस्था की पीठ थपथपा रहे स्वास्थ्य राज्यमंत्री और डीएम सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी सकते में आ गए थे। सिटी मजिस्ट्रेट की पूछताछ में भी मीडिया के सामने राजवीर ने डाक्टर के रुपए लेने की बात दोहराई थी।
मजिस्ट्रेटी जांच में ग्रामीण झूठा, डाक्टर सही
मुरादाबाद। मजिस्ट्रेटी जांच में ग्रामीण झूठा और डाक्टर सही पाए गए। सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार भर्ती मरीज ब्रेन ट्ïयूमर का शिकार था। उसे रेफर कर दिया गया था लेकिन पैसा न होने की बात कहकर परिजन नहीं ले गए। मंत्री के सामने दबाव बनाने के लिए ग्रामीण ने डाक्टर पर रुपए लेने का झूठा आरोप लगाया था।