{"_id":"6a8010a478a3b5c7110483d8","slug":"up-mayawati-extends-independence-day-greetings-says-governments-should-take-seriously-the-youth-s-demand-for-2026-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: स्वतंत्रता दिवस पर मायावती ने दी शुभकामनाएं, कहा- युवा सरकारों से मांग रहे जवाबदेही, जिसे गंभीरता से लें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: स्वतंत्रता दिवस पर मायावती ने दी शुभकामनाएं, कहा- युवा सरकारों से मांग रहे जवाबदेही, जिसे गंभीरता से लें
Sat, 15 Aug 2026 12:41 PM IST
Akash Dwivedi
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Sat, 15 Aug 2026 12:41 PM IST
सार
मायावती ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सरकारों से युवा पीढ़ी के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर जोर दिया। साथ ही संवैधानिक संस्थाओं के बीच संतुलन मजबूत रखने और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती ने देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश में अनेक समस्याओं के बावजूद लोग स्वतंत्रता दिवस का जश्न हर्ष-उल्लास से मनाएं, लेकिन ‘विकसित भारत’ और ‘मेरा भारत महान’ के सपने को साकार करने की क्षमता रखने वाली युवा पीढ़ी अब सरकारों से जवाबदेही भी मांग रही है।
विज्ञापन
मायावती ने कहा कि वर्तमान में भारत की आबादी का लगभग 52 प्रतिशत हिस्सा 30 वर्ष से कम आयु के युवाओं का है। यह युवा वर्ग अपने जीवन को आत्म-सम्मान के साथ बेहतर बनाने और भविष्य संवारने के लिए प्रयासरत है। इसके बावजूद व्यवस्था में बैठे लोगों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के कारण युवाओं में सरकार से जवाबदेही मांगने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि युवा बेहतर स्कूल, अस्पताल और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए शासन-प्रशासन से जवाबदेही चाहते हैं।
विज्ञापन
बीएसपी प्रमुख ने संविधान में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं के बीच स्थापित ‘चेक एंड बैलेंस’ की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था कमजोर नहीं पड़नी चाहिए, ताकि कोई भी निरंकुश न हो सके और देश व समाज के सभी वर्गों को समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिले।
विज्ञापन
उन्होंने दलितों, शोषितों, पीड़ितों, गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारों समेत वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों एवं जिम्मेदारियों की याद दिलाते हुए सरकारों से जनहित और देश के प्रति अपने दायित्वों को सही ढंग से निभाने की अपील की।