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यूपी: शराब दुकानों की लाइसेंस प्रक्रिया पूरी, 40 फीसदी नए कारोबारियों को मिला मौका; अवैध शराब बनी चुनौती
Mon, 17 Mar 2025 07:30 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 17 Mar 2025 07:30 PM IST
सार
Liquor shops license: यूपी में नए वर्ष के लिए शराब की दुकानों की लाइसेंस प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस बार 40 फीसदी नए कारोबारियों को शराब का लाइसेंस दिया गया है।
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wine liqour
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
शराब की दुकानों की ई लॉटरी में 40 फीसदी नए कारोबारियों को लाइसेंस मिला है। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नए कारोबारियों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक जानकारी दें, ताकि उनको व्यवसाय में कोई असुविधा न हो। कहा, अन्य राज्यों से अवैध मदिरा प्रदेश में नहीं आनी चाहिए, इसके लिए चेक पोस्ट को 24 घंटे क्रियाशील रखें। बिहार से जुड़े जिलों पर खास निगरानी रखी जाए। वे सोमवार को विभागीय कामकाज की समीक्षा कर रहे
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उन्होंने अवैध शराब की रोकथाम के लिए प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। कहा, प्रदेश को दो भागों में बांटकर अलग-अलग अधिकारियों से पर्यवेक्षण और फील्ड में अपनी देखरेख में प्रवर्तन की कार्रवाई कराएं। उन्होंने कहा कि सभी फील्ड ऑफिसर प्रत्येक 15 दिन के अंदर प्रवर्तन कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजें। बैठक में प्रमुख सचिव आबकारी वीना कुमारी, विशेष सचिव ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, आयुक्त डाॅ. आदर्श सिंह समेत जिलों के अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए।
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20 प्रतिशत बढ़ाना होगा राजस्व
उन्होंंने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को दस खरब डॉलर अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाने में आबकारी विभाग का अहम योगदान होगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 63 हजार करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य हर हाल में प्राप्त करना है। इसके लिए 20 फीसदी राजस्व बढ़ाना होगा। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में फरवरी तक करीब 42,828 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जो बीते वर्ष की तुलना में 1604 करोड़ अधिक है।
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