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सीएम योगी ने लखीमपुर खीरी घटना पर जताया दुख, बोले-दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
Mon, 04 Oct 2021 09:17 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 04 Oct 2021 09:17 AM IST
सार
सीएम योगी ने ट्वीट कर लिखा कि-लखीमपुर खीरी में हुई घटना अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। मौके पर शासन द्वारा अपर मुख्य सचिव नियुक्ति, कार्मिक एवं कृषि, ए.डी.जी. कानून-व्यवस्था, आयुक्त लखनऊ तथा आई.जी. लखनऊ मौजूद हैं
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी में हुई घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। मामले की जांच की जा रही है।
सीएम योगी ने ट्वीट कर लिखा कि-लखीमपुर खीरी में हुई घटना अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। मौके पर शासन द्वारा अपर मुख्य सचिव नियुक्ति, कार्मिक एवं कृषि, ए.डी.जी. कानून-व्यवस्था, आयुक्त लखनऊ तथा आई.जी. लखनऊ मौजूद हैं तथा स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए घटना के कारणों की गहराई से जांच कर रहे हैं। घटना में लिप्त जो भी जिम्मेदार होगा, सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
क्षेत्र के सभी लोगों से अपील है कि वे किसी के बहकावे में न आएं व मौके पर शान्ति-व्यवस्था कायम रखने में अपना योगदान दें। किसी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मौके पर हो रही जांच तथा कार्रवाई का इन्तजार करें।
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टकराव में आठ लोगों की मौत
कृषि कानूनों और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की टिप्पणी का विरोध कर रहे किसानों और मंत्री के बेटे के काफिले के बीच रविवार को हिंसक टकराव हो गया। तिकुनिया कस्बे में हुए बवाल के दौरान मंत्री के बेटे आशीष मिश्र की गाड़ी से कुचलकर चार किसानों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। जानबूझकर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगाते हुए गुस्साए किसानों ने मंत्री के बेटे की गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। किसानों के मुताबिक, मंत्री के बेटे ने खेतों में भागकर जान बचाई, लेकिन इस दौरान हुई पिटाई से चालक सहित और तीन भाजपाइयों की भी मौत हो गई।
दस से ज्यादा घायल किसानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किसान तजिंदर सिंह विर्क की हालत गंभीर बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने मंत्री के बेटे के काफिले को रोका तो नारे लगाते हुए उन पर गाड़ी चढ़ा दी गई। बवाल के बाद भाकियू नेता राकेश टिकैत के दिल्ली से कूच करने की सूचना के बाद किसानों ने कस्बे के इंटर कॉलेज में मृत किसानों के शव रखकर धरना शुरू कर दिया। देर रात तक आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंच गए। शासन ने लखनऊ से पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर भेज दिए। किसान नेताओं ने कहा कि मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी होने तक वे वहीं डटे रहेंगे। एसपी विजय ढुल ने घटना को हादसा बताते हुए आठ लोगों के मारे जाने की पुष्टि की।
यूं भड़की हिंसा
मौर्य के कार्यक्रम में शामिल होने आशीष मिश्र भी काफिले के साथ तिकुनिया मार्ग से जा रहे थे। विद्युत उपकेंद्र के पास जमा किसानों और आशीष के बीच झड़प हो गई। किसान नेताओं का आरोप है कि आशीष ने उन पर गाड़ी चढ़ा दी। इससे गुरुविंदर सिंह (22), दलजीत सिंह (24), लवप्रीत सिंह (25) और नक्षत्र सिंह की मौत हो गई। इसके बाद किसानों ने काफिले पर धावा बोल दिया और गाड़ियों में आग लगा दी।
विवाद की जड़...मंत्री ने कहा था, सुधर जाओ वरना सुधार देंगे
केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र को 25 सितंबर को लखीमपुर जाते समय किसानों ने काले झंडे दिखाए थे। मिश्र इससे खफा हो गए। उन्होंने जनसभा में कहा कि अगर हम कार से उतर जाते तो उन्हें भागने का रास्ता नहीं मिलता। कृषि कानून के खिलाफ केवल 10-15 लोग शोर मचा रहे हैं। सुधर जाओ, वरना हम सुधार देंगे, दो मिनट लगेंगे। किसान एक सप्ताह से इस टिप्पणी का विरोध कर रहे हैं।
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सीएम योगी ने ट्वीट कर लिखा कि-लखीमपुर खीरी में हुई घटना अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। मौके पर शासन द्वारा अपर मुख्य सचिव नियुक्ति, कार्मिक एवं कृषि, ए.डी.जी. कानून-व्यवस्था, आयुक्त लखनऊ तथा आई.जी. लखनऊ मौजूद हैं तथा स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए घटना के कारणों की गहराई से जांच कर रहे हैं। घटना में लिप्त जो भी जिम्मेदार होगा, सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
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क्षेत्र के सभी लोगों से अपील है कि वे किसी के बहकावे में न आएं व मौके पर शान्ति-व्यवस्था कायम रखने में अपना योगदान दें। किसी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मौके पर हो रही जांच तथा कार्रवाई का इन्तजार करें।
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टकराव में आठ लोगों की मौत
कृषि कानूनों और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की टिप्पणी का विरोध कर रहे किसानों और मंत्री के बेटे के काफिले के बीच रविवार को हिंसक टकराव हो गया। तिकुनिया कस्बे में हुए बवाल के दौरान मंत्री के बेटे आशीष मिश्र की गाड़ी से कुचलकर चार किसानों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। जानबूझकर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगाते हुए गुस्साए किसानों ने मंत्री के बेटे की गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। किसानों के मुताबिक, मंत्री के बेटे ने खेतों में भागकर जान बचाई, लेकिन इस दौरान हुई पिटाई से चालक सहित और तीन भाजपाइयों की भी मौत हो गई।
दस से ज्यादा घायल किसानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किसान तजिंदर सिंह विर्क की हालत गंभीर बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने मंत्री के बेटे के काफिले को रोका तो नारे लगाते हुए उन पर गाड़ी चढ़ा दी गई। बवाल के बाद भाकियू नेता राकेश टिकैत के दिल्ली से कूच करने की सूचना के बाद किसानों ने कस्बे के इंटर कॉलेज में मृत किसानों के शव रखकर धरना शुरू कर दिया। देर रात तक आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंच गए। शासन ने लखनऊ से पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर भेज दिए। किसान नेताओं ने कहा कि मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी होने तक वे वहीं डटे रहेंगे। एसपी विजय ढुल ने घटना को हादसा बताते हुए आठ लोगों के मारे जाने की पुष्टि की।
यूं भड़की हिंसा
मौर्य के कार्यक्रम में शामिल होने आशीष मिश्र भी काफिले के साथ तिकुनिया मार्ग से जा रहे थे। विद्युत उपकेंद्र के पास जमा किसानों और आशीष के बीच झड़प हो गई। किसान नेताओं का आरोप है कि आशीष ने उन पर गाड़ी चढ़ा दी। इससे गुरुविंदर सिंह (22), दलजीत सिंह (24), लवप्रीत सिंह (25) और नक्षत्र सिंह की मौत हो गई। इसके बाद किसानों ने काफिले पर धावा बोल दिया और गाड़ियों में आग लगा दी।
विवाद की जड़...मंत्री ने कहा था, सुधर जाओ वरना सुधार देंगे
केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र को 25 सितंबर को लखीमपुर जाते समय किसानों ने काले झंडे दिखाए थे। मिश्र इससे खफा हो गए। उन्होंने जनसभा में कहा कि अगर हम कार से उतर जाते तो उन्हें भागने का रास्ता नहीं मिलता। कृषि कानून के खिलाफ केवल 10-15 लोग शोर मचा रहे हैं। सुधर जाओ, वरना हम सुधार देंगे, दो मिनट लगेंगे। किसान एक सप्ताह से इस टिप्पणी का विरोध कर रहे हैं।