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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP KGMU Associate Professor sent patient to private hospital; patient died; accused of charging ₹1 lakh.

यूपी: केजीएमयू के एसोसिएट प्रोफेसर ने मरीज को निजी अस्पताल भिजवाया, मौत; एक लाख रुपये वसूलने का आरोप

Sat, 12 Sep 2026 09:16 AM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 12 Sep 2026 09:16 AM IST
सार

केजीएमयू के नेफ्रोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर पर मरीज को निजी अस्पताल भेजने और इलाज के नाम पर एक लाख रुपये वसूले जाने का आरोप लगा है। मरीज की मौत के बाद बेटे ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। केजीएमयू प्रशासन ने डॉक्टर से जवाब मांगा है और जांच में दोषी पाए जाने पर रिपोर्ट डीजीएमई को भेजने की बात कही है।

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UP KGMU Associate Professor sent patient to private hospital; patient died; accused of charging ₹1 lakh.
केजीएमयू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के नेफ्रोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर पर बेहतर इलाज का झांसा देकर मरीज को निजी अस्पताल भेजवाने का आरोप लगा है। बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। उनके बेटे विजय कुमार चौधरी का कहना है कि आयुष्मान कार्ड धारक होने के बावजूद एक लाख रुपये वसूले गए। उसने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।

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किडनी रोग से पीड़ित बस्ती के कुदरहा ब्लॉक निवासी पुष्पा (54) केजीएमयू के नेफ्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में पहुंचीं। यहां एसोसिएट प्रोफेसर ने फेफेड़े में संक्रमण होने की जानकारी देते हुए पाइप डालने की बात कही। आरोप है कि डॉक्टर ने पुष्पा को दुबग्गा स्थित फाह अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा।

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आयुष्मान कार्ड पर मुफ्त इलाज मिल जाएगा

परिजनों ने आपत्ति जताई तो केजीएमयू में आयुष्मान कार्ड पर मुफ्त इलाज न मिलने की बात कही। यह भी कहा कि निजी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड पर मुफ्त इलाज मिल जाएगा। डॉक्टर के झांसे में आए परिजनों ने मरीज को फाह अस्पताल में भर्ती करा दिया।

विजय का आरोप है कि निजी अस्पताल में करीब एक लाख रुपये वसूल लिए गए। इसके बाद भी उनकी मां की जान नहीं बची। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के साथ उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

बॉन्ड के तहत तैनात है एसोसिएट प्रोफेसर

आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर बॉन्ड के तहत केजीएमयू के नेफ्रोलॉजी विभाग में तैनात है। आरोप है वह संस्थान आने वाले मरीजों को बरगलाकर निजी अस्पताल भेजता है। विभाग प्रमुख को इसकी भनक नहीं है। 

इससे पहले केजीएमयू के आर्थोपेडिक विभाग में बॉन्ड के तहत तैनात डॉक्टर ने मरीज को निजी अस्पताल ले जाकर ऑपरेशन किया था। यहां उसकी जान चली गई थी। डॉक्टर के बॉन्ड की अवधि खत्म होने के कारण केजीएमयू प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।

 

 

रिपोर्ट डीजीएमई को भेजी जाएगी

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। संबंधित डॉक्टर से जवाब तलब किया गया है। जांच में दोषी मिलने पर पूरे मामले की रिपोर्ट डीजीएमई को भेजी जाएगी।

परिजनों के आरोप गलत

फाह अस्पताल के संचालक डॉ. अहमद रजा खान ने बताया कि केजीएमयू के डॉक्टर के जरिये मरीज अस्पताल नहीं भेजा गया था। परिजनों के आरोप गलत हैं। केजीएमयू में इलाज न मिलने की स्थिति में महिला को यहां लाया गया था।

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