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यूपी : प्रदेश में जीनोम सिक्वेंसिंग तेज करने के निर्देश, केजीएमयू, बीएचयू के बाद अन्य संस्थानों में जल्द शुरू होगी जांच

Wed, 07 Jul 2021 08:53 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 07 Jul 2021 08:53 PM IST
सार

प्रदेश से सटे राज्यों में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिलने के बाद से ही जीनोम सिक्वेंसिंग पर जोर दिया जा रहा है। कोविड पॉजीटिव के कुल सैंपल के करीब 5 फीसदी सैंपल को जीनोम सिक्वेसिंग के लिए इकट्ठा किया जा रहा है।

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UP: Instructions to speed up genome sequencing in the state, after KGMU, BHU, investigation will start soon in other institutions
CM yogi - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट को लेकर शासन की ओर से जीनोम सिक्वेंसिंग तेज करने की रणनीति बनाई गई है। केजीएमयू, बीएचयू में जीनोम सिक्वेंसिंग शुरू हो गई है। अब लोहिया संस्थान, सीडीआरआई और एनबीआरआई में भी जीनोम सिक्वेंसिंग शुरू करने की तैयारी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी निर्देश दे चुके हैं।

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प्रदेश से सटे राज्यों में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिलने के बाद से ही जीनोम सिक्वेंसिंग पर जोर दिया जा रहा है। कोविड पॉजीटिव के कुल सैंपल के करीब 5 फीसदी सैंपल को जीनोम सिक्वेसिंग के लिए इकट्ठा किया जा रहा है। खासतौर से पड़ोसी राज्यों से सटे और नेपाल सीमा से सटे जिलों अब सैंपल सैंख्या 10 फीसदी जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सुरक्षित किए जा रहे हैं। इन सैंपलों की जांच के लिए  लोहिया संस्थान, सीडीआरआई और एनबीआरआई में भी जीनोम सिक्वेंसिंग शुरू करने की तैयारी है। दो नए केस मिलने के बाद बुधवार को ही इन तीनों संस्थानों में व्यवस्था दुरुस्त कने की कवायद शुरू हो गई है।
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वैरिएंट के लिए अहम है जीनोम सिक्वेंसिंग
कोरोना वायरस के नए वैरिएंट की पहचान के लिए जीनोम सिक्वेसिंग की जाती है। इससे वायरस कैसा है और किस तरह दिखता है इसकी पूरी जानकारी मिलती है। प्रदेश में अभी तक एल्फा, बीटा, डेल्टा,  काप्पा वैरिएंट पाया जा चुका है। लेकिन डेल्टा प्लस इन सभी वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक पाया गया है। विभिन्न राज्यों में इसकी फैलने की शक्ति और मरीज को प्रभावित करने की शक्ति ज्यादा पाई गई है।
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12 राज्यों से आने पर निगरानी बढ़ी
देशभर में अब तक दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, ओड़िसा सहित 12 राज्यों में 51 से अधिक मरीजों में डेल्टा प्लस के केस मिल चुके हैं। ऐसे में इन राज्यों से आने वाले यात्रियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। एयरपोर्ट पर इन मरीजों की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट पॉजीटिव होने पर उनके सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे जा रहे हैं।

हाई लेवल एंटीबॉडी मिलने से राहत
प्रदेश में कराए गए सीरो सर्वे में हाई लेवल एंटीबॉडी मिली है। इसे कोविड के दृष्टिकोण से राहतभरा माना जा रहा है। प्रदेश में 62 हजार 500 लोगों का सीरो सर्वे कराया गया है। इसमें करीब 43 हजार में हाई लेवल एंटीबॉडी पाई गई है। केजीएमयू ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो तूलिका चंद्रा का कहना है कि एंटीबॉडी का पर्याप्त पाया जाना सुखद है। क्योंकि जिन लोगों में पहली लहर में एंटीबॉडी थी, उन पर दूसरी लहर में कम असर हुआ है। अब टीकाकरण भी लगातार चल रहा है। इसका भी फायदा मिलेगा। फिर भी हर स्तर पर सावधानी बरतने की जरूरत है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो आरके धीमान ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में जिन मरीजों में डेल्टा प्लस वैरिएंट पाया गया, उनकी स्थिति कम समय में खराब हो गई थी। अभी तक की रिपोर्ट में डेल्टा प्लस को ज्यादा खतरनाक माना गया है। ऐसे में इसे लेकर हर स्तर पर सावधानी बरतने की जरूरत है। तमाम लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक आना जाना है। ऐसे में हर व्यक्ति को मास्क अनिवार्य रूप से लगाना होगा। मास्क और सोशल डिस्टेसिंग से ही नए वैरिएंट का प्रसार रोका जा सकता है।

पीआईसीयू और एनआईसीयू निर्माण की गति बढाएं, भीड़ रोकने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग जरूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए पीआईसीयू और एनआईसीयू निर्माण की गति बढाई जाए। जहां भी उपकरण नहीं पहुंच पाए हैं, उसे वरीयता के आधार पर मॉनीटरिंग करें। मुख्यमंत्री बुधवार को टीम 9 की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड नियंत्रण के संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा अपनायी जा रही रणनीति अत्यन्त कारगर सिद्ध हो रही है। प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। भीड़भाड़ रोकने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग का सहारा लिया जाए। प्रदेश में कोरोना टीकाकरण के प्रति लोगों को सतत जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से कोविड टीकाकरण के लिए चल रही नि:शुल्क पंजीकरण सुविधा का व्यापक प्रचार.प्रसार किया जाए।

राशन वितरण की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश नेशनल राशन पोर्टेबिलिटी से जुड़ा है। इसके तहत प्रदेश के नागरिक देश के किसी भी राज्य में तथा अन्य राज्य के नागरिक उत्तर प्रदेश में राशन प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश में दिव्यांगजन के लिए संचालित समस्त निजी व शासकीय संस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान संस्थान के कार्यों तथा निवासरत लोगों से संस्थान के विषय में जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि संस्थान की सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त हों। उन्होंने निरीक्षण के उपरान्त मुख्यमंत्री कार्यालय को विस्तृत आख्या उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

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