यूपी: आईसीआईसीआई के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर ने फर्जी दस्तावेज पर लोन पास किया, कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज
लखनऊ में आईसीआईसीआई बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत दो लोगों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए ऋण पास कराने का आरोप लगा है। पीड़ित ने बताया कि परिचित ने खुद को बेटा बताकर दस्तावेज तैयार किए और सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराए। अदालत के आदेश पर हजरतगंज पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
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लखनऊ में पीजीआई के तेलीबाग निवासी मो. यूनुस शेख ने आईसीआईसीआई के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर और परिचित मो.मतीन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। तत्कालीन ब्रांच मैनेजर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिये लोन पास करने का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर हजरतगंज पुलिस ने बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज की है।
70 वर्षीय मो. युनूस दस साल पहले सचिवालय से सेवानिवृत्त हुए हैं। मो. यूनुस ने बताया कि उनका आईसीआईसीआई शाखा हजरतगंज में खाता संचालित है। आरोप है कि वर्ष 2007 में परिचित मो. मतीन ने साजिश के तहत कुछ फर्जी दस्तावेज बनवाए, जिसमें उसने खुद को उनका बेटा दर्शाया। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर की मिलीभगत से लोन के लिए आवेदन कर दिया। आरोपी ने जिस संपत्ति को दिखाकर लोन पास कराया था उसका बैंक ने स्थलीय निरीक्षण भी नहीं किया।
दस्तावेजों की मदद से आरोपी ने फर्जीवाड़ा किया
मो. यूनुस ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी वर्ष 2020 में हुई, जब बैंक के रिकवरी एजेंटों की उनके पास कॉल आने लगी। उन्होंने जब खुद से जांच की तो सामने आया कि 2007 में आरोपी ने उनसे एक लोन में उन्हें गारंटर बनाने की बात कही थी। मो. मतीन ने उनसे कुछ सादे दस्तावेजों में हस्ताक्षर भी कराए थे। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों की मदद से आरोपी ने फर्जीवाड़ा किया। इसमें उसका साथ आरोपी ब्रांच मैनेजर ने भी दिया।
पीड़ित का कहना है कि आरोपी उन्हें आए दिन धमकी दे रहे हैं। मामले की शिकायत उन्होंने दो अगस्त 2020 को हजरतगंज थाने में की थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। थकहार कर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट लिखी गई है। हजरतगंज पुलिस पीड़ित से संपर्क कर रही है। बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।