यूपी: 1500 करदाताओं का होगा जीएसटी ऑडिट, हर जोन से 75 फर्में जांच के दायरे में; जानें राज्य कर विभाग का प्लान
उत्तर प्रदेश में जीएसटी चोरी और कर अपवंचना रोकने के लिए 1500 करदाताओं और फर्मों का ऑडिट होगा। प्रदेश के 20 जोन में प्रत्येक से 75 फर्मों का चयन किया गया है। बिक्री, खरीद, इनपुट टैक्स क्रेडिट, कारोबार और कर देनदारी की जांच होगी। ऑडिट 30 जून 2027 तक पूरा करना होगा।
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जीएसटी चोरी और कर अपवंचना पर शिकंजा कसने के लिए उत्तर प्रदेश में 1500 करदाताओं की गहन जांच होगी। राज्य कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के जीएसटी ऑडिट के लिए 1500 करदाताओं/फर्मों का चयन किया है। प्रदेश के 20 जोन में प्रत्येक को 75 फर्मों की सूची दी गई है। ऑडिट पूरा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2027 निर्धारित की गई है।
एडिशनल कमिश्नर ऑडिट एसएस मिश्रा ने प्रदेश के सभी अपर आयुक्तों को भेजे निर्देश में कहा है कि करदाताओं का चयन समिति द्वारा तय मानकों के आधार पर किया गया है। अलग-अलग श्रेणियों में रखकर इनका ऑडिट कराया जाएगा। विभाग ने जोनल अधिकारियों से प्रत्येक जोन की 100 फर्मों की शॉर्टलिस्ट निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने को भी कहा है।
ऑडिट में घोषित बिक्री, खरीद, इनपुट टैक्स क्रेडिट, रिटर्न में दर्ज कारोबार और वास्तविक कारोबार के बीच अंतर समेत रिकॉर्ड व कर देनदारी की जांच की जाएगी। विभाग पहले भी टर्नओवर के आधार पर बड़े, मध्यम और छोटे करदाताओं का चयन करता रहा है। दिसंबर 2025 में वित्तीय वर्ष 2022-23 के ऑडिट में 50 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों की संख्या को जोन की श्रेणी तय करने का आधार बनाया गया था।
जीएसटी चोरी के मामलों की बीच हो रही कार्रवाई
जीएसटी चोरी के मामलों के बीच यह कार्रवाई हो रही है। अगस्त में डीजीजीआई की लखनऊ जोनल इकाई ने चित्रकूट-बांदा में पान मसाला, तंबाकू और जर्दा के छह ठिकानों पर कार्रवाई कर करीब 185 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी थी। मेरठ मामले में 335 फर्जी फर्मों से 5478.35 करोड़ रुपये का कारोबार और 989.13 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी मिली थी। इनमें 200 फर्मों में कोई लेनदेन नहीं मिला। मुरादाबाद में 144 फर्जी फर्मों से करीब 400 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी सामने आई थी।