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'तेलंगाना मॉडल' से बुझाई जाएगी बुंदेलखंड की प्यास

Fri, 16 Oct 2015 01:28 AM IST
Updated Fri, 16 Oct 2015 01:28 AM IST
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UP govt to work for water crisis in Bundelkhand.

तेलंगाना के पंचायती राज एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री केटी रामाराव के नेतृत्व में वहां के प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की।

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प्रतिनिधिमंडल ने तेलंगाना में पेयजल समस्या के निराकरण के लिए किए गए काम का प्रस्तुतिकरण किया। मुख्यमंत्री ने तेलंगाना के प्रयास की सराहना की। साथ ही उसी तर्ज पर बुंदेलखंड की पेयजल समस्या के समाधान की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना के मंत्री और वहां के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के पुत्र रामाराव से कहा कि दोनों प्रदेशों के बीच में विचार विमर्श कर विकास कार्यों को गति प्रदान की जा सकती है। इस संदर्भ में उन्होंने तेलंगाना की पेयजल योजना की चर्चा करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण विकास कार्यक्रम है।
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इस तरह खत्म होगा जल संकट

UP govt to work for water crisis in Bundelkhand.

इसके जरिये लोगों को पाइप द्वारा शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराकर पेयजल के संकट को कम किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों  से कहा कि तेलंगाना की योजना का परीक्षण कराकर उसी तर्ज पर बुन्देलखण्ड क्षेत्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति की कार्ययोजना बनाई जाए।

इस तरह तेलंगाना में पेयजल पर काम

रामा राव ने प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री को बताया कि तेलंगाना में नदियों से पानी लेकर पाइप द्वारा हर गांव और घर-घर तक लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। इस पर 40 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे।

इस अवसर पर राजनीतिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चैधरी, मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रबन्ध निदेशक जल निगम तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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