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मेरठ कांडः केंद्र को भेजी गई रिपोर्ट में हुआ 'खेल'

Sat, 09 Aug 2014 01:31 AM IST
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 09 Aug 2014 01:31 AM IST
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UP govt says girl was not kidnapped in meerut case

मेरठ में धर्मांतरण व रेप के मामले में पीड़ित युवती का अपहरण नहीं हुआ था। जिस दौरान उसके अपहरण की बात कही जा रही है वह मेरठ मेडिकल कालेज में भर्ती थी।

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इस बात की तस्दीक युवती के बयान व मेडिकल कालेज के चिकित्सकों से हो चुकी है। यह तथ्य उस रिपोर्ट में भी शामिल है जो राज्य सरकार ने केंद्र को भेजी है।

केंद्र ने मेरठ के खरखौंदा मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी, जिसे शुक्रवार को दिन में भेज दिया गया।

मेरठ मामले में सरकार द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पर एनेक्सी के मीडिया सेंटर में शुक्रवार को गृह सचिव कमल सक्सेना ने कहा कि युवती के पिता ने पहले 31 जुलाई को गुमशुदगी की सूचना दी थी, जिसमें कहा था कि उनकी बेटी 29 जुलाई से लापता है।
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युवती गलत नाम से दाखिल हुई

UP govt says girl was not kidnapped in meerut case

गृह सचिव ने बताया कि युवती के पिता ने इसके बाद तीन अगस्त को मुकदमा दर्ज कराया है कि उनकी बेटी 23 जुलाई से लापता है। इसमें अपहरण की आशंका जताई गई है।

सक्सेना ने बताया कि युवती ने अपने बयान में यह कहा है कि वह कलीम नाम के एक व्यक्ति के साथ 23 जुलाई को मेरठ मेडिकल कालेज में भर्ती हुई थी जहां उसका ऑपरेशन हुआ और वह कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रही।

गृह सचिव ने बताया कि पड़ताल में सामने आया है कि युवती गलत नाम से उलधन गांव, खरखौंदा निवासी कलीम की पत्नी बन कर अस्पताल में दाखिल हुई थी। यह पीड़ित युवती ने भी स्वीकार किया है।

युवती को था डेढ़ माह का गर्भ

UP govt says girl was not kidnapped in meerut case

गृह सचिव ने यह भी कहा कि युवती ने अपने कलमबंद बयान में खुद को बालिग व अपनी उम्र 20 वर्ष की बताई है। उन्होंने कहा कि मेरठ मेडिकल कालेज में जब वह दाखिल हुई तब उसको डेढ़ माह का गर्भ था, जिसमें अंदरूनी दिक्कत आने की वजह से आपरेशन कराना पड़ा।

गर्भ व उसमें आ रही समस्या का परीक्षण युवती ने एक अन्य चिकित्सा केंद्र से कराया था, जहां के चिकित्सकों से इसकी तस्दीक की जा चुकी है। कलीम अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

गृह सचिव ने कहा कि जिस दौरान युवती अस्पताल में रही वहां उसके साथ कलीम के अलावा कोई नहीं था। ऐसे में अगर उसका अपहरण हुआ होता, तो वह शोर-शराबा कर सकती थी, यहां विरोध जता सकती थी।

गृह सचिव ने कहा कि पूर्व में जो कहा जा रहा था कि डाक्टर नवाब और सनॉउल्लाह द्वारा उसका आपरेशन किए जाने की बात की पुष्टि नहीं हो सकी है।

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धर्मांतरण पर भी कुछ साफ नहीं

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बताया गया कि इस मामले में आरोपी बने सात में से पांच को बंदी बनाया जा चुका है। गृह सचिव ने कहा कि पिछले दिनों जो दो लोग गिरफ्तार हुए वह धर्मांतरण को लेकर फर्जी नोटरी एफिडेविट बनवाने की वजह से हुए।

उनसे जब पूछा गया कि धर्मांतरण हुआ या नहीं तो वह बोले की मामले की जांच चल रही है।

गृह सचिव ने कहा कि इन सारे तथ्यों को केंद्र को भेजी गई सवा पन्ने की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी मामले की तफ्तीश चल रही है और कई तथ्यों का खुलासा होना है।

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