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हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष: 50 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों का नहीं होगा विलय, एक किमी से दूर नहीं होंगें स्कूल

Thu, 21 Aug 2025 02:19 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 21 Aug 2025 02:19 PM IST
सार

यूपी में परिषदीय स्कूलों के विलय पर सरकार ने बड़ा एलान किया है। अब 50 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों का विलय नहीं होगा। ना ही कोई स्कूल एक किमी से दूर होगा। विलय मामले में अब हाईकोर्ट में 1 सितंबर को सुनवाई होगी। 

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UP govt said schools with more than 50 students will not merged schools will not located more than one km away
सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के विलय मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने विशेष अपीलों पर सुनवाई की। इस दौरान राज्य सरकार ने मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ के समक्ष जवाब दाखिल किया। इसमें कहा कि सरकार 50 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों का विलय या पेयरिंग नहीं करेगी। इसके साथ ही प्राथमिक स्कूलों की दूरी एक किमी से दूर नहीं होगी। 

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राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया ने बताया कि सरकार के इस निर्णय को प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई इसके तहत हो रही है। मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी।
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दरअसल, बीती 24 जुलाई को हाईकोर्ट ने विलय प्रक्रिया में उजागर हुई स्पष्ट अनियमितताओं के मद्देनजर सीतापुर के स्कूलों के विलय पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यह अंतरिम आदेश देते समय अदालत ने स्कूलों के विलय या मर्जर की सरकार की नीति और इस पर अमल करने की मेरिट पर कुछ नहीं किया है।

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21 अगस्त तक मौजूदा स्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था

अदालत के सामने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए विलय के कुछ दस्तावेजों में साफ अनियमितताएं सामने आई थीं। राज्य सरकार की ओर से इनका स्पष्टीकरण देने का समय मांगा गया था। इसके मद्देनजर कोर्ट ने सीतापुर जिले में स्कूलों की विलय/ पेयरिंग प्रक्रिया पर 21 अगस्त तक मौजूदा स्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। 


पहली विशेष अपील सीतापुर के पांच बच्चों ने, और दूसरी भी वहीं के 17 बच्चों ने अपने अभिभावकों के जरिये दाखिल की है। इनमें स्कूलों के विलय में एकल पीठ द्वारा बीती 7 जुलाई को दिए गए फैसले को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया है। याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ एलपी मिश्र व अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने दलीलें दीं। जबकि, राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया ने मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह के साथ बहस की।

एकल पीठ ने विलय आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था

गौरतलब है कि बीती 7 जुलाई को स्कूलों के विलय मामले में एकल पीठ ने प्रथामिक स्कूलों के विलय आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह फैसला सीतापुर के प्राथमिक व उच्च प्रथामिक स्कूलों में पढ़ने वाले 51 बच्चों समेत एक अन्य याचिका पर दिया था।



इनमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीती 16 जून को जारी उस आदेश को चुनौती  देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था। इसके तहत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया था।

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