अगस्त क्रांति के दिन यूपी ने 22 करोड़ पौधे रोपकर बनाया रिकॉर्ड, योगी ने लगाया बरगद का पौधा
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एतिहासिक अगस्त क्रांति के दिन 9 अगस्त को प्रदेश वासियों ने 22 करोड़ से ज्यादा पौधे रोपकर रिकॉर्ड बनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने शुक्रवार को वृक्षारोपण महाकुंभ के मौके पर प्रदेश में लगे सैकड़ों साल पुराने वृक्षों को ढूंढ़कर उन्हें हेरिटेज के रूप में सरंक्षित करने के निर्देश वन विभाग को अधिकारियों को दिए। बाराबंकी के पांच हजार साल पुराने कल्प वृक्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे पेड़ों का पता लगा उनकी एक स्मारिका बनाई जाए। जिससे देश व प्रदेश के लोगों को इनके बारे में पता चल सके। मुख्यमंत्री शुक्रवार को सरोजनी नगर के जैती खेड़ा गांव में आयोजित वृक्षारोपण महाकुंभ की शुरुआत के मौके पर वहां की जनता की संबोधित कर रहे थे।
भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं वर्षगांठ के मौके पर क्षेत्रीय जनता से मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि प्रदेश में 22 करोड़ आबादी है। हर व्यक्ति यदि एक वृक्ष लगाए तो यह संख्या 22 करोड़ हो जाएगी। जुलाई से शुरू हुई इस अभियान में हमें प्रयास करना होगा कि 25 से 30 करोड़ वृक्ष लगाए जाएं। इस अभियान को सिर्फ औपचारिकता न बनाएं। सभी वृक्षों की सुरक्षा भी करनी है, क्योंकि इनसे हमारा प्राकृतिक वातावरण अच्छा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं वर्षगांठ हमें नई प्रेरणा देती है। जो लोग देश को आजादी मिलने के बाद पैदा हुए हैं उनका फर्ज है कि वह स्वाधीनता को अक्षुण्ण बनाए रखें। हर व्यक्ति स्वस्थ हो दीर्घायु हो, पर्यावरण सुरक्षित हो। इसके लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए। जिससे आने वाली पीढ़ी को प्राकृतिक वातावरण मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में वृक्षों की पूजा की जाती है। बाराबंकी में कल्प वृक्ष है। जिसकी उम्र पांच हजार साल से अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा भी बहुत पुराने-पुराने वृक्ष हैं लेकिन जहां देखो पेड़ों का काटा जा रहा है। उन्होंने वन विभाग से पूरे प्रदेश में 500-1000 साल या उससे भी पुराने वृक्षों को हेरिटेज में शामिल करके, एक स्मारिका बनाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण का सबसे अच्छा माध्यम तालाब है लेकिन प्राकृतिक स्रोत वृक्ष लगाने से बचेंगे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों और स्कूली छात्रों से कहा कि पंचवटी, नवग्रह वाटिका, नक्षत्र वाटिका बनाएं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों के नाम से वाटिका बनाएं। भारत माता की रक्षा में शहीद हुए सपूतों के नाम से पौधे लगाएं। जिससे लोगों को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने बताया कि पहले इस कार्यक्रम को 15 अगस्त को आयोजित किया जा रहा था लेकिन उसी दिन रक्षाबंधन होने के कारण इसे पहले आयोजित किया गया। ये दिन भी ऐतिहासिक महत्व का है। संबोधन के बाद उन्होंने मंत्रोच्चार के साथ बरगद का पौधा लगाकर वृक्षारोपण महाकुंभ की शुरुआत की। इसके अलावा वृक्षारोपण महाकुंभ का लोगो भी उन्होंने जारी किया।
पांच महिलाओं को दिए सहजन के पौधे
फॉरेस्ट कवर
वन और पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि अगस्त क्रांति के ऐतिहासिक दिन 22 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरे होते ही विश्व कीर्तिमान बन जाएगा। वर्ष 2022 तक प्रदेश में वन आच्छादन को 15 फीसदी करने का लक्ष्य है। विभिन्न स्कूलों, एनजीओ, बीएसएफ जवानो ने भी इस मौके पर पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ही वन विभाग को अगले वर्ष 25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य भी दिया। इस मौके पर मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षण पवन कुमार, मंत्री स्वाती सिंह, सांसद कौशल किशोर, भाजपा जिलाध्यक्ष राम निवास यादव भी मंच पर मौजूद थे।
शाम पांच बजे तक हासिल कर लिया लक्ष्य
मिशन डायरेक्टर विभाष रंजन ने अमर उजाला को बताया कि शाम पांच बजे तक 22 करोड़ 37 लाख 46 हजार पौधे लगाकर निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया गया। इलाहाबाद में स्थित एक ही स्थान परेड ग्राउंड 66 हजार पौधे बांटकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। यहां बता दें कि एक से ज्यादा स्थानों पर पौधरोपण को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम विश्व रिकॉर्ड में शामिल नहीं करती है। लेकिन, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 22 करोड़ से ज्यादा पौधों का सफल रोपण यूपी में ही हुआ है।