81 साल के यूपी के राज्यपाल ने बताया अपनी फिटनेस का राज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वामी विवेकानंद का सपना समर्थ भारत था। उनका मानना था कि केवल युवा ही बदलाव ला सकते हैं। इसके लिए युवा पीढ़ी का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। स्वस्थ रहने के लिए युवाओं को योग और सूर्य नमस्कार का सहारा लेना चाहिए।
राज्यपाल राम नाईक ने ये विचार मंगलवार को श्री जय नारायण पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर व्यक्त किए। इस मौके पर करीब ढाई हजार स्टूडेंट्स ने योग और सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का आयोजन विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की लखनऊ शाखा के साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय और श्री जय नारायण पीजी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना शाखाओं द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि 81 वर्ष की आयु में अगर खड़े होकर भाषण दे सकते हैं तो इसका श्रेय सूर्य नमस्कार को है। स्कूल में उन्हें और उनके साथियों को रोज सूर्य नमस्कार करना होता था।
'गीता पढ़ने की जगह फुटबॉल खेलना जरूरी है'
स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व बंधुत्व की भारतीय धारणा का स्वामी जी का उद्घोष मानवता के प्रति समर्पित था। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि गीता के अध्ययन की अपेक्षा फुटबाल खेलना युवाओं के लिए ज्यादा जरूरी है।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एसडी शर्मा ने सभी का स्वागत किया। इस मौके पर मेयर डॉ. दिनेश शर्मा के साथ ही काफी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
विवेकानंद केंद्र की लखनऊ शाखा के संचालक दयानन्द लाल ने धन्यवाद भाषण दिया। उनके अनुसार एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश द्विवेदी के साथ ही शिक्षकों ने कार्यक्रम आयोजन में काफी सहयोग किया।