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यूपी: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन से लैस करेगी योगी सरकार, जारी किए गए निर्देश
Tue, 08 Jun 2021 03:48 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 08 Jun 2021 03:48 PM IST
सार
योगी सरकार प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन से लैस करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को जल्द से जल्द आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन देने के निर्देश दिए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी हर योजना और कार्यक्रम का ब्योरा अब तत्काल मिलेगा। योजना से जुड़ा हर डाटा अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मुट्ठी में होगा। योगी सरकार प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन से लैस करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को जल्द से जल्द आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन देने के निर्देश दिए हैं।
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राज्य सरकार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन के बेहतर उपयोग का तरीका भी समझाएगी। इसके लिए योगी सरकार ने कार्यकत्रियों के प्रशिक्षण की योजना तैयार की है। हर आंगनबाड़ी कार्यकत्री को स्मार्ट फोन के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। योगी सरकर की स्मार्ट फोन योजना से जहां कार्यकत्रियों को काम करने में सहूलियत होगी वहीं योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिकतम पारदर्शिता भी आएगी। बिना देर किए डाटा के आधार पर योजनाओं और कार्यक्रमों से जुड़े फैसले लिए जा सकेंगे। भ्रष्टाचार की गुंजाइश बेहद कम होगी।
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प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्र कार्यरत हैं। हर केंद्र पर औसतन दो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां तैनात हैं। इस लिहाज से प्रदेश भर में करीब 4 लाख कार्यकत्रियां हैं। स्मार्ट फोन से लैस होने के बाद बच्चों के पुष्टाहार और देखभाल समेत आंगनबाड़ी से संचालित होने वाली योजनाओं को ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।
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अफसरों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कोविड के कारण जिन बच्चों के माता-पिता का देहांत हुआ है, उनके लिए शुरू की गई 'मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना' को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ ही नॉन कोविड बीमारियों से जिन बच्चों के अभिभावकों का निधन हुआ है, उनके पालन-पोषण और शिक्षा का भी प्रबन्ध करने का निर्देश अफसरों को दिया है।
सीएम ने कहा कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे बच्चे जो पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें भी सरकार जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएगी।