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Lucknow News: दस साल से बिना फिटनेस दौड़ रही थी केजीएमयू की एंबुलेंस
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केजीएमयू।
लखनऊ। मरीजों की जान बचाने वाली एंबुलेंस ही राजधानी में बिना फिटनेस और वैध दस्तावेजों के दौड़ रही हैं। परिवहन विभाग की जांच में इसका खुलासा हुआ है। विभाग की टीम ने मंगलवार को अभियान चलाकर 16 एंबुलेंसों की जांच की। इनमें 11 में गंभीर खामियां मिलीं।
एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव ने बताया कि टीम ने केजीएमयू, हजरतगंज और आसपास के इलाकों में एंबुलेंसों की जांच की। इस दौरान कई एंबुलेंस ऐसी मिलीं, जिनके पास न फिटनेस प्रमाणपत्र था, न प्रदूषण प्रमाणपत्र और न ही बीमा।
सबसे चौंकाने वाला मामला केजीएमयू का सामने आया। लारी गेट पर खड़ी एक एंबुलेंस की जांच में पता चला कि वह केजीएमयू के रजिस्ट्रार के नाम दर्ज है, लेकिन 10 साल से उसकी फिटनेस नहीं कराई गई थी। उसका प्रदूषण प्रमाणपत्र और बीमा भी समाप्त मिला। टीम ने जब एंबुलेंस को सीज करने की तैयारी की तो चालक वाहन छोड़कर भाग गया। चालक के फरार होने के कारण टीम एंबुलेंस को थाने नहीं ले जा सकी। उसका चालान कर दिया गया है।
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अभियान के दौरान हर्ष अस्पताल की एंबुलेंस भी बिना फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र और बीमा के चलती मिली। टीम ने इसे मौके पर ही सीज कर दिया। इसके अलावा नौ अन्य एंबुलेंसों के दस्तावेज भी अधूरे मिले। इनमें मरीज सवार होने के कारण विभाग ने मानवता के आधार पर उन्हें सीज नहीं किया। सभी का चालान किया गया है।
एआरटीओ ने बताया कि शहर में कई निजी अस्पताल पुरानी और बिना वैध दस्तावेजों वाली एंबुलेंस चला रहे हैं। ऐसी एंबुलेंस हादसे का कारण बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि अनियमित एंबुलेंसों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव ने बताया कि टीम ने केजीएमयू, हजरतगंज और आसपास के इलाकों में एंबुलेंसों की जांच की। इस दौरान कई एंबुलेंस ऐसी मिलीं, जिनके पास न फिटनेस प्रमाणपत्र था, न प्रदूषण प्रमाणपत्र और न ही बीमा।
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सबसे चौंकाने वाला मामला केजीएमयू का सामने आया। लारी गेट पर खड़ी एक एंबुलेंस की जांच में पता चला कि वह केजीएमयू के रजिस्ट्रार के नाम दर्ज है, लेकिन 10 साल से उसकी फिटनेस नहीं कराई गई थी। उसका प्रदूषण प्रमाणपत्र और बीमा भी समाप्त मिला। टीम ने जब एंबुलेंस को सीज करने की तैयारी की तो चालक वाहन छोड़कर भाग गया। चालक के फरार होने के कारण टीम एंबुलेंस को थाने नहीं ले जा सकी। उसका चालान कर दिया गया है।
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अभियान के दौरान हर्ष अस्पताल की एंबुलेंस भी बिना फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र और बीमा के चलती मिली। टीम ने इसे मौके पर ही सीज कर दिया। इसके अलावा नौ अन्य एंबुलेंसों के दस्तावेज भी अधूरे मिले। इनमें मरीज सवार होने के कारण विभाग ने मानवता के आधार पर उन्हें सीज नहीं किया। सभी का चालान किया गया है।
एआरटीओ ने बताया कि शहर में कई निजी अस्पताल पुरानी और बिना वैध दस्तावेजों वाली एंबुलेंस चला रहे हैं। ऐसी एंबुलेंस हादसे का कारण बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि अनियमित एंबुलेंसों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।