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यूपी: लगातार गैर हाजिर रहने वालों डॉक्टरों पर सरकार का एक्शन, तीन किए गए बर्खास्त; अन्य चार पर कसा शिकंजा

Wed, 15 Oct 2025 07:26 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 15 Oct 2025 07:26 PM IST
सार

Doctor dismissed in UP: यूपी में डिप्टी सीएम ने लगातार गायब रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन डॉक्टरों को शासन द्वारा बर्खास्त कर दिया गया। 

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UP: Government takes action against doctors who are chronically absent; three dismissed; four others tightened
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लगातार गैरहाजिर तीन डॉक्टरों को बर्खास्त करने और अलग-अलग मामले में दर्जन भर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश चिकित्सा स्वस्थ एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को दिए हैं।

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आगरा के शमशाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में तैनात डॉ. वन्दना जैन, श्रावस्ती संयुक्त जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपुल अग्रवाल, बाराबंकी के जाटा बरौली सीएचसी के डॉ. देववृत लगातार गैरहाजिर चल रहे थे। उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को गैरहाजिर चल रहे डॉक्टरों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं।
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वहीं वाराणसी के कबीर चौरा जिला महिला चिकित्सालय में 18 अगस्त को गर्भवती रिजवाना को ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स प्रीतम सिंह ने बिना डॉक्टरी परीक्षण रेफरल पर्ची तैयार कर दी। गर्भवती को एम्बुलेंस व स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं की। इस कारण गर्भवती का प्रसव विषम परिस्थितियों में अस्पताल परिसर में ही हो गया। घटना को गम्भीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने स्टाफ नर्स प्रीतम सिंह को आरोप पत्र देकर निलम्बित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही महिला चिकित्साधिकारी डॉ. सुमिता गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश भी दिए।
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इसके अलावा डॉक्टर व कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण न रखने, ड्यूटी चार्ट, राउंड की व्यवस्था, रोगियों के बेड हेड टिकट पर वाइटल्स की नियमित रिकॉर्डिंग, चिकित्सालय का स्वयं नियमित भ्रमण न करने के लिए प्रमुख अधीक्षिका को भी दोषी पाया गया है। ऐसे में अस्पताल की प्रमुख अधीक्षिका डॉ. नीना वर्मा के विरूद्ध भी विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए हैं।

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चार डॉक्टरों पर कसा शिकंजा

मिर्जापुर विन्ध्याचल मंडल के अपर आयुक्त (प्रशासन) डॉ. विश्राम सिंह की पत्नी रमा यादव के इलाज में लापरवाही के आरोप लगे थे। आरोप है कि समय पर ईसीजी जांच नहीं कराई गई। मामले की जांच कराई गई। इसमें मिर्जापुर चिकित्सालय के उस समय तैनात चार चिकित्साधिकारी डॉ. विनय कुमार, डॉ. सुनील सिंह, डॉ. तरुण सिंह जो कि वर्तमान में मुख्य चिकित्साधिकारी, सोनभद्र के अधीन तैनात हैं व डॉ. पंकज पाण्डेय, जो वर्तमान में स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय मिर्जापुर के पल्मोनरी विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्य कर रहे हैं।

इनको आरोप पत्र देकर विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए हैं। उस समय तैनात संबंधित स्टाफ नर्स सुषमा पाण्डेय, जो कि सेवानिवृत हो चुकी हैं, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। साथ ही अयोध्या स्थित कुमारगंज के 100 बेड के संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को बाहर की दवा लिखने व प्राइवेट प्रैक्टिस का मामला सामने आया है। उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. शीला वर्मा व फिजीशियन डॉ. अरविन्द मौर्या को आरोप पत्र देकर अनुशासनिक कार्यवाही के आदेश अपर मुख्य सचिव को दिए हैं।

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