लखनऊ। बलरामपुर गार्डन में लगा 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला रविवार को समाप्त होगा। अंतिम दिनों में पाठकों की भीड़ बढ़ गई है। मेले में पुस्तकों का विमोचन और परिचर्चा सत्र जारी रहे। शाम के परिचर्चा सत्र में लेखक व सेवानिवृत्त आईपीएस हरीश कुमार की पुस्तक ''इटावा कल, आज और कल'' पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इसमें इटावा और औरैया के 87 गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी है। हरीश कुमार ने अपनी अन्य पुस्तकें ''कुंभ'', ''पुलिस और पोटलीवाला'' और ''उत्तर प्रदेश का स्वतंत्रता संग्राम और इटावा'' का भी उल्लेख किया। ये सभी पुस्तकें उनके लेखन कार्य का हिस्सा हैं। इस दौरान आयोजक प्रगतिशील व्यापार मंडल के संस्थापक व प्रदेश अध्यक्ष सुग्रीव मौर्या मौजूद रहे। दि ट्रिब्यून के समारोह में चिकित्सकों, शिक्षाविदों और अन्य विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार सुधीर मिश्र की किताब ''दिल्ली दरबार'' भी चर्चा में रही। डॉ. आरके विश्वकर्मा, सुधीर मिश्र, राजेश कुमार, दिनेश कुमार सहगल और मनोज सिंह चंदेल ने कई चिकित्सकों को सम्मानित किया। इनमें डॉ. एसएन गुप्ता, डॉ. ममता गुप्ता, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. कुमुदिनी चौहान, डॉ. प्रियंका सिंह और डॉ. एसके द्विवेदी शामिल थे। दूसरे मंच पर डॉ. एसके गोपाल के संयोजन में डॉ. अभिनव दीक्षित की किताब हिडेन वेटलैण्ड्स का विमोचन हुआ।

लखनऊ पुस्तक मेले में किताबों पर चर्चा, चिकित्सकों का सम्मान

लखनऊ पुस्तक मेले में किताबों पर चर्चा, चिकित्सकों का सम्मान

लखनऊ पुस्तक मेले में किताबों पर चर्चा, चिकित्सकों का सम्मान

लखनऊ पुस्तक मेले में किताबों पर चर्चा, चिकित्सकों का सम्मान

लखनऊ पुस्तक मेले में किताबों पर चर्चा, चिकित्सकों का सम्मान