योगी ने पूरा किया एक और वादा, एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स गठित
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योगी आदित्यनाथ सरकार ने चुनावी वादे पर अमल करते हुए सरकारी व निजी संपत्ति से अवैध कब्जे हटाने के लिए एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स के गठन का आदेश जारी कर दिया है।
मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव और एसएसपी को इस संबंध में प्राथमिकता पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।
बताते चलें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने 25 अप्रैल को लोक कल्याण संकल्प-पत्र में किए गए वादे के मुताबिक भू-माफिया के कब्जे से सरकारी व निजी जमीन मुक्त कराने के लिए एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स बनाने को मंजूरी दी थी।
शासन ने राज्य स्तर पर मुख्य सचिव, मंडल स्तर पर कमिश्नर, जिले में डीएम व तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन कर दिया है।
भटनागर ने टास्क फोर्स को सबसे पहले सरकारी अवैध कब्जे व अतिक्रमण में शामिल सरकारी संपत्ति और येन-केन-प्रकारेण सरकारी या निजी संपत्ति पर कब्जा करने वालों को चिह्नित कर सूची बनाने का निर्देश दिया है।
दो महीने चिह्नित होंगे कब्जे
अवैध कब्जों को चिह्नित करने का काम संबंधित विभाग, निकाय, प्राधिकरण व पंचायतें करेंगी। इसी तरह लावारिस जमीन व निजी संपत्ति पर कब्जा करने वाले दबंगों व माफिया को पुलिस चिह्नित करेगी। यह काम दो महीने में पूरा करना है।
इसके बाद दबंगों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। इस कार्रवाई में आने वाली बाधा की जानकारी डीएम को दी जाएगी। डीएम पुलिस बल का इंतजाम कराके दबंगों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां सरकारी अधिकारियों या कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाएगी, वहां उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। गैर सरकारी संपत्तियों पर कब्जे की शिकायतें 15 दिन में निस्तारित करनी होंगी।
शासनादेश में टास्क फोर्स द्वारा की जाने वाली कार्रवाई के बाबत विस्तृत जानकारी दी गई है। सरकार अवैध कब्जे की शिकायतों व टास्क फोर्स द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी संबंधित व्यक्ति को देने के लिए एक पोर्टल बनाएगी। तब तक जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की जा सकेगी।
इसलिए बनाई टास्क फोर्स
इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली व दबंग लोग, विकासकर्ता व निर्माणकर्ता कहीं राजनैतिक संरक्षण प्राप्त कर तो कहीं अधिकारियों की मिलीभगत से न सिर्फ सरकारी जमीन बल्कि विभिन्न धार्मिक संस्थाओं व प्रतिष्ठानों, चैरिटेबल ट्रस्टों, लावारिस संपत्तियों, गरीब व कमजोर लोगों की जमीन पर कब्जा कर लेते हैं।
सरकारी विभाग तो अपनी संपत्ति बचाने के लिए फिर भी कार्रवाई कर लेते हैं लेकिन अन्य संस्थाएं व कमजोर लोग खुद को असहाय पाते हैं। वे दबंगों के विरोध का साहस नहीं कर पाते। प्रशासन भी अपेक्षित मदद नहीं करता। टास्क फोर्स ऐसी जमीनों को चिह्नित कर चरणबद्ध तरीके से काम करेगा।