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दुर्गा का असर: 'तकनीक' की शरण में पहुंची यूपी सरकार!

Tue, 13 Aug 2013 11:52 PM IST
लखनऊ/महेंद्र तिवारी
लखनऊ/महेंद्र तिवारी Updated Tue, 13 Aug 2013 11:52 PM IST
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up government bows to technology to curb illigal mining
प्रदेश सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है।
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अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) ने इससे जुड़े कई प्रस्तावों को मंगलवार को मंजूरी दे दी।

इसे आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के बाद अवैध खनन के उजागर होते मामलों से सरकार की छवि पर पड़ते असर से निपटने के लिए डैमेज कंट्रोल के तहत देखा जा रहा है। सेंट्रल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती भी इसका कारण हो सकती है।

भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग की ओर से मंगलवार को आईआईडीसी के सामने खनिज बहुल 13 जिलों के बैरियरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, खनन अधिकारियों को एंड्रायड मोबाइल देने तथा गाड़ियों की ट्रैकिंग के लिए आईटी सॉफ्टवेयर का प्रयोग करने का प्रस्ताव रखा गया था।

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विभाग ने मैनुअल रवन्ना की जगह प्रीपेड रवन्ना देने के लिए हैंड हेल्ड मशीन देने का भी प्रस्ताव किया था। आईआईडीसी ने अवैध खनन रोकने के इन प्रस्तावों को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश के साथ मंजूरी दे दी।
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खनिज बहुल जिलों में झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर, बांदा, गाजियाबाद, सोनभद्र, सहारनपुर, मिर्जापुर, इलाहाबाद व फतेहपुर शामिल हैं।

आईआईडीसी ने कहा कि अवैध खनन किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने खनिज विभाग को अवैध खनन रोकने के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी और मंडल स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित जांच दलों को सक्रिय करने का निर्देश दिया।

खनन निदेशक को कहा कि जहां से भी अवैध खनन की शिकायतें आएं, वहां अपने स्तर से जांच दल भेजकर छापा मारें व कार्रवाई करें।

बैठक में प्रमुख सचिव भू-तत्व एवं खनिकर्म जीवेश नंदन, विशेष सचिव संतोष कुमार राय व भू-वैज्ञानिक डॉ. आरके दलेला आदि उपस्थित रहे।

शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर का प्रस्ताव
भू-तत्व एवं खनिकर्म निदेशक भाष्कर उपाध्याय ने बताया कि अवैध खनन की शिकायतों को रोकने के लिए एक टोल फ्री नंबर की व्यवस्था का प्रस्ताव है।

इस टोल फ्री नंबर पर आने वाली सभी शिकायतों पर निदेशालय स्तर से कार्रवाई की जाएगी। हर शिकायत का निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना जल्दी ही शासन को भेजी जाएगी।

उद्यमियों को करें आकर्षित
आईआईडीसी ने खनिज संपदा के व्यावसायिक दोहन और खनिज आधारित उद्योगों को लगाने के लिए प्रदेश में चिह्नित व सिद्ध किए गए खनिज भंडारों को विज्ञापित करने का निर्देश दिया।


आलोक रंजन ने कहा कि इच्छुक उद्यमियों को इस ओर आकर्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सोनभद्र में चाइना क्ले व सिलेमिनाइट, झांसी, महोबा व ललितपुर में क्वार्ट्ज, चित्रकूट में पोटाश और झांसी में एस्बेस्टस के भंडार चिह्नित किए जा चुके हैं।

इनकी मौजूदा कीमत करीब 8239 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 13 जिलों में नदियों में बालू के बड़े भंडार हैं। इनके दोहन से प्रदेश को राजस्व प्राप्त होता है।

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