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सरकार ने विद्युत वितरण कंपनियों को सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का जिम्मा सौंपा
Mon, 26 Aug 2019 03:46 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 26 Aug 2019 03:46 PM IST
सार
- सभी 10 आदर्श इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सिटी में 100-100 स्टेशन स्थापित करेगी सरकार
- ईवी चार्जिंग केलिए सस्ती बिजली मिलेगी, विशेष टैरिफ प्लान तैयार करने के दिए निर्देश
- निजी विकासकर्ताओं को हाइड्रोजन स्टेशन बनाने को प्रोत्साहित करने की भी योजना
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश सरकार ने 10 आदर्श इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (ईएम) नगरों में से प्रत्येक में 100 डीसी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई है। विद्युत वितरण कंपनियों को सरकारी भवनों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। सरकार निजी विकासकर्ताओं को हाइड्रोजन स्टेशनों की स्थापना के लिए भी प्रोत्साहित करेगी।
औद्योगिक विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये चार्जिंग प्वाइंट निजी व सरकारी, दोनों तरह के वाहनों के लिए उपलब्ध होंगे। यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम के डिपो व बस स्टॉप में चार्जिंग स्टेशन अवश्य होंगे।
सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे। दरअसल, सरकार ने लखनऊ सहित नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी को ईएम सिटी के रूप में डवलप करने की योजना बनाई है। अधिक घनत्व वाले प्रमुख राजमार्गों पर प्रत्येक 50 किमी. पर तेज चार्जिंग वाले चार्जिंग स्टेशन व बैटरी बदलने के केंद्र स्थापित होंगे। प्रमुख मार्गों में सभी एक्सप्रेस-वे प्राथमिकता पर शामिल रहेंगे।
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सरकार ने कम लागत वाली ईवी चार्जिंग की सुविधा के लिए विशेष पावर टैरिफ नीति तैयार करने का निर्देश दिया है। प्रदेश का ऊर्जा विभाग व राज्य विद्युत नियामक आयोग मिलकर विशेष टैरिफ नीति बनाने की कार्यवाही कर रहे हैं।
नॉन पीक ऑवर्स में ईवी को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। अधिकारी ने बताया कि लिथियम बैटरी के खतरों को दूर करने के लिए सरकार हाइड्रोजन से चलने वाले फ्यूल सेल तथा सौर ऊर्जा से चलने वाले सेल्स के विकास व उपयोग को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। निजी विकासकर्ताओं को हाइड्रोजन स्टेशनों की स्थापना के लिए विभिन्न तरह की सहूलियतें दी जाएंगी।
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औद्योगिक विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये चार्जिंग प्वाइंट निजी व सरकारी, दोनों तरह के वाहनों के लिए उपलब्ध होंगे। यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम के डिपो व बस स्टॉप में चार्जिंग स्टेशन अवश्य होंगे।
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सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे। दरअसल, सरकार ने लखनऊ सहित नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी को ईएम सिटी के रूप में डवलप करने की योजना बनाई है। अधिक घनत्व वाले प्रमुख राजमार्गों पर प्रत्येक 50 किमी. पर तेज चार्जिंग वाले चार्जिंग स्टेशन व बैटरी बदलने के केंद्र स्थापित होंगे। प्रमुख मार्गों में सभी एक्सप्रेस-वे प्राथमिकता पर शामिल रहेंगे।
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सरकार ने कम लागत वाली ईवी चार्जिंग की सुविधा के लिए विशेष पावर टैरिफ नीति तैयार करने का निर्देश दिया है। प्रदेश का ऊर्जा विभाग व राज्य विद्युत नियामक आयोग मिलकर विशेष टैरिफ नीति बनाने की कार्यवाही कर रहे हैं।
नॉन पीक ऑवर्स में ईवी को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। अधिकारी ने बताया कि लिथियम बैटरी के खतरों को दूर करने के लिए सरकार हाइड्रोजन से चलने वाले फ्यूल सेल तथा सौर ऊर्जा से चलने वाले सेल्स के विकास व उपयोग को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। निजी विकासकर्ताओं को हाइड्रोजन स्टेशनों की स्थापना के लिए विभिन्न तरह की सहूलियतें दी जाएंगी।
कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स व टाउनशिप में चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य
ऐसे सभी कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, आवासीय सोसाइटी व टाउनशिप में ईवी चार्जिंग स्टेशन की स्थापना अनिवार्य की जाएगी जिनका निर्मित क्षेत्रफल 5000 वर्गमीटर या इससे अधिक होगा। ऐसे भवनों की अनुमति के लिए यह शर्त जोड़ी जाएगी।
2024 तक सभी सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने की योजना
चयनित 10 आदर्श शहरों में सार्वजनिक परिवहन के वाहनों का 70 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों का करने का लक्ष्य है। सरकारी निगमों, परिषदों व सरकारी एंबुलेंस जैसे सभी वाहन 2024 तक चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहन में बदल दिए जाएंगे।
2024 तक सभी सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने की योजना
चयनित 10 आदर्श शहरों में सार्वजनिक परिवहन के वाहनों का 70 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों का करने का लक्ष्य है। सरकारी निगमों, परिषदों व सरकारी एंबुलेंस जैसे सभी वाहन 2024 तक चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहन में बदल दिए जाएंगे।