यूपीः संविदा शिक्षकों के वेतन में होगी बड़ी बढ़ोतरी
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प्रदेश सरकार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए संविदा शिक्षकों का वेतन बढ़ाने जा रही है। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर प्रोफेसर तक के पद शामिल हैं।
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने इसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। इसमें 30 हजार से 53 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।
सूबे में सरकारी क्षेत्र के 14 मेडिकल कॉलेज हैं। कई और मेडिकल संस्थान खुलने जा रहे हैं। सभी कॉलेजों व संस्थानों में शिक्षकों की बेहद कमी है।
जब तक उप्र लोक सेवा आयोग से नियमित भर्तियां नहीं होती तब तक मेडिकल कॉलेजों को संविदा शिक्षकों से काम चलाना है।लेकिन सरकारी कॉलेजों में वेतन कम होने से अच्छे शिक्षक नहीं मिल पाते।
कम वेतन की वजह से सरकारी कॉलेजों को नहीं मिलते शिक्षक
निजी मेडिकल कॉलेज काफी अच्छे वेतन पर शिक्षकों को रख लेते हैं। शिक्षकों की कमी से एमसीआई भी एमबीबीएस की सीटें घटाने की चेतावनी देती रहती है।
इन्हीं सबको देखते हुए सरकार ने इस साल जनवरी में संविदा शिक्षकों का वेतन बढ़ाया था लेकिन यह निजी कॉलेजों की तुलना में कहीं नहीं टिकता। इस कारण संविदा शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। अब एक बार फिर सरकार इनका वेतन बढ़ाने की तैयारी में है।
चिकित्सा शिक्षा के महानिदेशक डॉ. वीएन त्रिपाठी ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की बेहद कमी है। निजी कॉलेज ही नहीं उत्तराखंड सरकार भी अपने संविदा शिक्षकों को काफी अच्छा वेतन दे रही है।
इसलिए यहां के शिक्षक निजी मेडिकल कॉलेज या फिर उत्तराखंड चले जा रहे हैं। शिक्षक पूरे न होने के कारण एमबीबीएस की सीटें भी कम हो सकती हैं।
ऐसे में प्रदेश सरकार भी संविदा शिक्षकों का वेतन बढ़ाने जा रही है। इसका प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है। वहां से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।