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यूपी : एक साथ पांच से ज्यादा मरीज मिलने पर होगी जीनोम सिक्वेंसिंग, अचानक संख्या बढ़ी तो सैंपल सुरक्षित रखना अनिवार्य
Wed, 11 Aug 2021 11:28 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 11 Aug 2021 11:28 PM IST
सार
प्रदेश में किसी भी स्थान पर एक साथ पांच या इससे ज्यादा मरीज मिलते हैं तो संबंधित सैंपल की जीनोम सिक्वेसिंग कराई जाएगी। संक्रमितों के संपर्क में आने वाले सभी लोगों की आरटीपीसीआर जांच भी कराई जाएगी।
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जीनोम सिक्वेंसिंग
- फोटो : एएनआई
विस्तार
प्रदेश में किसी भी स्थान पर एक साथ पांच या इससे ज्यादा मरीज मिलते हैं तो संबंधित सैंपल की जीनोम सिक्वेसिंग कराई जाएगी। संक्रमितों के संपर्क में आने वाले सभी लोगों की आरटीपीसीआर जांच भी कराई जाएगी। इन लोगों के सैंपल भी सुरक्षित रखे जाएंगे ताकि जरूरत पड़ने पर दोबारा जांच कराई जा सके। इसके लिए सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को निेर्देश दिया गया है।
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प्रदेश में कोविड नियंत्रण के लिए हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है। अगस्त माह में प्रदेशभर में हर दिन मिलने वाले संक्रमितों की संख्या 50 से कम बनी हुई है। प्रतिदिन करीब ढाई लाख सैंपल की जांच कराई जा रही है। ऐसे में तय किया गया कि किसी भी गांव या मोहल्ले में अचानक पांच से ज्यादा मरीज मिलते हैं तो उसे गंभीरता से लेते हुए जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाएगी। इसके लिए उनके सैंपल सुरक्षित रखें जाएंगे और विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना देकर उन्हें सिक्वेंसिंग के लिए केजीएमयू भेजा जाएगा।
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निदेशक (संक्रामक) डा. एके पालीवाल ने बताया कि इन दिनों संक्रमितों की संख्या कम हो गई है। ऐसे में किसी भी स्थान पर अचानक पांच मरीज मिलना गंभीर बात है। ऐसे में उस सैंपल की जीनोम सिक्वेसिंग कराकर वैरिएंट का पता लगाया जाएगा। ताकि कोविड को बढ़ने से रोका जा सके। इस संबंध में बीएसएल लैब वाले अस्पतालों के सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिया जा चुका है।
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कुशीनगर मामले की जांच शुरू
कुशीनगर में अचानक 20 मरीज मिलने के मामले की जांच शुरू हो गई है। इसके लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय ने तीन सदस्यी जांच कमेटी गठित की है। इस कमेटी को अधिक मरीजों के मिलने के कारणों, सैंपल गायब होने की स्थितियों का आकलन करने के लिए भेजा गया है। निदेशक (संक्रामक) डा. एके पालीवाल ने बताया कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि आठ अगस्त को प्रदेश में 58 संक्रमित मिले थे, जिसमें 20 कुशीनगर जिले के थे। यहां अचानक मरीजों की संख्या अधिक मिलने पर शासन से जीनोम सिक्वेंसिग कराने का निर्देश दिया गया। जब कुशीनगर से सैंपल मांगे गए तो पता चला कि वहां संबंधित सैंपल को सुरक्षित नहीं रखा गया है। इस मामले में सीएमओ ने जिला अस्पताल के सीएमएस, पैथोलॉजिस्ट सहित छह के खिलाफ दर्ज कराई है।