यूपी: फर्जी आधार-जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाला गिरोह पकड़ा, सॉफ्टवेयर से बदलते थे पहचान; सगरना समेत दो गिरफ्तार
लखनऊ में एसटीएफ और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी आधार, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी सॉफ्टवेयर की मदद से आधार में बदलाव करते थे और इसके आधार पर अन्य दस्तावेज तैयार कर लोगों से रकम लेते थे।
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मुंबई में फर्जी आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह का एसटीएफ ने राजफाश किया है। एसटीएफ ने गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को बुधवार को मुंबई पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। मुंबई पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर दोनों को लेकर रवाना हुई।
एसटीएफ सीओ प्रमेश शुक्ला के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में अयोध्या के ठठेरिया अंगूरीबाग निवासी इम्तियाज सिद्दीकी राइन और रीडगंज निवासी मोहम्मद तलहा खान शामिल हैं। इम्तियाज वर्तमान में मुंबई के सीएसटी इलाके में रह रहा था। दोनों के खिलाफ मुंबई के पायधुनी थाने में एफआईआर दर्ज है। जांच के दौरान आरोपियों के उत्तर प्रदेश में छिपे होने की जानकारी मिलने पर मुंबई पुलिस ने यूपी एसटीएफ से मदद मांगी थी।
पूछताछ में पता चला कि प्रत्येक दस्तावेज के लिए पांच से दस हजार रुपये गिरोह वसूलता था। कई वर्षों से गिरोह फर्जीवाड़ा कर रहा था। काम बढ़ने पर इम्तियाज ने तलहा को भी अपने साथ शामिल कर लिया। दोनों फर्जी जन्म प्रमाणपत्र भी तैयार करते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए इम्तियाज मुंबई से भागकर उत्तर प्रदेश आ गया था और लगातार ठिकाने बदल रहा था।
बिना दस्तावेज आधार में करते थे बदलाव
पूछताछ में इम्तियाज ने बताया कि वह बचपन में अयोध्या से मुंबई चला गया था। वहां उसने लोगों के पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का काम शुरू किया। बाद में जन सेवा केंद्र खोला। इसी दौरान उसकी मुलाकात रामजीत नाम के व्यक्ति से हुई।
आरोप है कि रामजीत ने उसे अनधिकृत तरीके से आधार में संशोधन करने वाला सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया। इम्तियाज इस सॉफ्टवेयर की मदद से बिना वैध दस्तावेज के आधार कार्ड में मनमाना बदलाव करता था। इसके बाद बदले हुए आधार के आधार पर पैन कार्ड में भी संशोधन कराया जाता था।