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यूपी : नगर निकायों में बंद होगा विज्ञापनों का फर्जीवाड़ा, ऑनलाइन होगी आवंटन की पूरी प्रक्रिया
Sat, 16 Oct 2021 11:04 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 16 Oct 2021 11:04 PM IST
सार
कर्मचारियों व ठेकेदार की मिलीभागत से हर साल निकायों को करोड़ों का नुकसान होता है। इसके मद्देनजर ही सरकार ने व्यवस्था को ऑनलाइन करने का फैसला किया है।
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सड़क किनारे लगे हुए होर्डिंग्स।
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विस्तार
नगर निकायों में विज्ञापन के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए एडवरटाइजमेंट मॉड्यूल में बदलाव किया जा रहा है। इसे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से जोड़कर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी।
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पुरानी प्रक्रिया में विज्ञापन मद में मिलने वाले राजस्व का कोई ऑनलाइन रिकॉर्ड की व्यवस्था नहीं है। अब नई व्यवस्था में विज्ञापनों को नगर निकायों के स्तर से दी जाने अनुमति से संबंधित सभी जानकारी ई-नगर सेवा पोर्टल पर उपलब्ध कराना अनिवार्य किया जाएगा। निकायों की सीमा में प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग, कियॉस्क, यूनिपोल व प्राइवेट साइटों पर विज्ञापन लगाने के लिए टेंडर निकाला जाता है। विज्ञापन के जरिए निकायों को भारी भरकम टैक्स मिलता है।
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लेकिन अब तक इसमें मैनुअल व्यवस्था होने के चलते विज्ञापन विभाग को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा माना जाता है। इस विभाग में तैनाती के लिए कर्मचारियों में होड़ मची रहती है। कर्मचारियों व ठेकेदार की मिलीभागत से हर साल निकायों को करोड़ों का नुकसान होता है। इसके मद्देनजर ही सरकार ने व्यवस्था को ऑनलाइन करने का फैसला किया है। इस आधार पर स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से सभी नगर निकायों को विज्ञापन के साइटों से मिलने वाले टैक्स का पूरा मॉड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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यह होगा फायदा
पूरी प्रक्रिया के ऑनलाइन होने से विभाग के क्रियाकलापों में पारदर्शिता आएगी। इससे नगर निकाय सीमा में होर्डिंग, कियॉस्क, यूनिपोल व प्राइवेट साइट के आवंटन, दर और प्राप्त होने वाले राजस्व की जानकारी सार्वजनिक हो जाएगी। यह भी पता लगाना आसान हो जाएगा कि शहर में कितनी होर्डिंग अवैध हैं।