यूपी: 18 जिलों में ई-मेल से धमकी, लिखा- जुमे की नमाज के बाद कचहरी को बम से उड़ा देंगे; खुफिया एजेंसियां अलर्ट
उत्तर प्रदेश में लखनऊ समेत 18 जिलों की कचहरियों को ई-मेल से बम से उड़ाने की धमकी दी गई। जुमे की नमाज के बाद धमाके की चेतावनी मिलते ही कचहरी खाली कराई गई। छानबीन में कुछ नहीं मिला। पुलिस, एसटीएफ और साइबर टीम आरोपी की तलाश में जुटी हैं।
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यूपी में लखनऊ समेत 18 जिलों में एक ई-मेल से दहशत फैल गई। धमकी भरा मैसेज लखनऊ में जिला जज को ई-मेल से भेजा गया था। मैसेज मिलने के बाद फौरन कचहरी को खाली करा लिया गया। बम निरोधक दस्ते के बाद पुलिस टीम ने कचहरी में छानबीन की। हालांकि, वहां कोई बम नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने राहत की सांस ली।
धमकी भेजने वाले ने लिखा था कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दोपहर दो बजे कचहरी में धमाका किया जाएगा। अगर बचा सकते हो तो बचा लो। इस मामले की जानकारी वजीरगंज पुलिस को दी गई। इसके बाद खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गईं। बड़ी संख्या में पुलिस बल कचहरी पहुंची।
इसके बाद अधिवक्ताओं को कचहरी खाली करने के लिए कहा गया। कचहरी से न्यायाधीश भी बाहर निकल गए। काफी देर तक छानबीन के बाद पता चला कि किसी ने शरारत की है। इसकी वजह से कोर्ट का काम भी प्रभावित हुआ। कचहरी के सभी गेटों पर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए। इस मामले में कोर्ट नाजिर ने वजीरगंज थाने में ईमेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
एक साथ कई जिलों में भेजा गया था ईमेल
छानबीन में सामने आया है कि एक साथ 18 जिलों में ई-मेल भेजा गया था। धमकी भरा मेसेज आने के बाद शासन प्रशासन अलर्ट हो गया। खुफिया एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि किसने और कहां से ईमेल भेजा था। बताया जा रहा है कि एसटीएफ को भी सक्रिय कर दिया गया है। सर्विलांस और साइबर की टीम मामले की छानबीन कर रही है। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव का कहना है कि केस दर्ज कर मामले की पड़ताल की जा रही है। जल्द ही ईमेल भेजने वाले के बारे में पता लगा लिया जाएगा।
कचहरी में बम विस्फोट की धमकी से मचा हड़कंप
अयोध्या दीवानी न्यायालय में शुक्रवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब एक अज्ञात व्यक्ति ने जिला जज को भेजे गए ईमेल में कचहरी परिसर में बम विस्फोट की धमकी दी। धमकी में कहा गया कि दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर 18 जगहों पर बम धमाके होंगे, जिसमें फैजाबाद कचहरी का भी जिक्र था।सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और पूरे परिसर को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान एक व्यक्ति के पास से बैग की जांच की गई, जिसमें पेंच कस और छेनी पाई गई। पूछताछ में उसने बताया कि वह गैस सिलिंडर रिपेयरिंग का काम करता है और एक मुकदमे में पैरवी करने आया था।
बम विस्फोट की धमकी की सूचना मिलते ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधांशु शेखर उपाध्याय ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। उन्होंने अधिवक्ताओं और वादकारियों से तुरंत कचहरी परिसर खाली करने का अनुरोध किया और किसी भी लावारिस वस्तु को हाथ न लगाने की हिदायत दी।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने लाउड स्पीकर से भी यह सूचना प्रसारित की और लोगों से सहयोग की अपील की। इस दौरान फोटोकॉपी सहित अन्य दुकानों को भी बंद करा दिया गया। दोपहर में ही पूरी कचहरी परिसर खाली हो गई।
बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की सघन जांच, देर शाम एटीएस भी पहुंची
सूचना पर सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी, सिविल कोर्ट सुरक्षा प्रभारी परशुराम ओझा, उप निरीक्षक अखिलेश तिवारी सहित पुलिस बल के जवान और सुरक्षा एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंच गईं। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम ने अधिवक्ताओं के चैंबरों, शेडों और कचहरी के सभी स्थलों पर बारीकी से तलाशी ली। घंटों चली सघन जांच के बाद भी कोई भी संदिग्ध वस्तु या बम नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस और अधिवक्ताओं ने राहत की सांस ली। देर शाम एटीएस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
तमिलनाडु से भेजे गए मेल की भाषा तमिल में थी, जांच जारी
फैजाबाद जिला जज के आधिकारिक मेल पर अज्ञात व्यक्ति की ओर से भेजे गए मेल में लिखा था कि जजों और वकीलों को मारने का हलाल तरीका पवित्र शुक्रवार को है। ठीक 1:30 बजे कोर्ट में 18 बम ब्लास्ट होंगे। चर्चा है कि यह मेल तमिलनाडु से भेजा गया था और इसकी भाषा भी तमिल में थी, जिसका अनुवाद कराने के बाद धमकी की जानकारी मिली। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। इसके पहले राम मंदिर ट्रस्ट को भी तमिलनाडु से धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था।
पहले भी आतंकियों के निशाने पर रही है फैजाबाद कचहरी
यह पहली बार नहीं है जब फैजाबाद कचहरी को निशाना बनाया गया हो। वर्ष 2007 में इसी तरह दोपहर एक बजे फैजाबाद, लखनऊ और वाराणसी की कचहरियों में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। फैजाबाद कचहरी में शेड नंबर 4 में हुए बम धमाके में वरिष्ठ अधिवक्ता राधिका प्रसाद मिश्रा, मुंशी फागू राम, स्टांप वेंडर ओम प्रकाश पांडेय और वादकारी केसरी की मौत हो गई थी।
इस घटना में करीब 50 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस समय कचहरी के कई जगहों पर साइकिल बम प्लांट किए गए थे, लेकिन पुलिस की सक्रियता से उन्हें डिफ्यूज कर दिया गया था। इस मामले में एटीएस ने वर्ष 2008 में चार अभियुक्तों सजादुर्रहमान, तारिक कासमी, मोहम्मद अख्तर उर्फ तारिक और खालिद मुजाहिद को गिरफ्तार किया था।