फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Electricity employees warn, indefinite strike will happen as soon as privatization tender is issued

यूपी: बिजली कर्मचारियों की चेतावनी, निजीकरण का टेंडर जारी होते ही होगा अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार

Tue, 19 Aug 2025 09:00 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 19 Aug 2025 09:00 PM IST
सार

Electricity in UP: यूपी के बिजली कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि निजीकरण का टेंडर जारी होते ही पूरे प्रदेश के कर्मचारी कार्य बहिष्कार करेंगे। 

विज्ञापन
UP: Electricity employees warn, indefinite strike will happen as soon as privatization tender is issued
यूपी में बिजली व्यवस्था। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने एलान किया है कि निजीकरण का टेंडर जारी होते ही अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। बिजली कर्मी सामूहिक रूप से जेल भरो आंदोलन भी शुरू करेंगे। इस संबंध में समिति ने मंगलवार को विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार को पत्र भी भेजा है।

विज्ञापन


भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कार्पोरेशन प्रबंधन निजीकरण के रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) डाक्यूमेंट को किसी भी वक्त नियामक आयोग को भेज सकता है। आयोग इसे किसी भी कीमत पर मंजूरी न दे। संघर्ष समिति को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया जाए। निजीकरण पर अपना अभिमत देने से पहले आयोग को संघर्ष समिति से भी वार्ता करनी चाहिए। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि नियमों को दरकिनार करके किया जा रहा निजीकरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। निजीकरण के बाद लगभग 50 हजार संविदा कर्मियों की छंटनी होनी तय है। करीब 16.50 हजार नियमित कर्मचारियों की नौकरी खतरे में है। कॉमन केडर के अभियंताओं और जूनियर इंजीनियरों पर नौकरी जाने और पदावनति का खतरा है। ऐसी स्थिति में निजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन


नारंग की संलिप्तता वाला प्रस्ताव गलत
संघर्ष समिति के पदाधिारियों ने कहा कि निजीकरण का प्रस्ताव निदेशक वित्त निधि कुमार नारंग की देखरेख में तैयार किया गया। उनकी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। मनमानी का अंदाजा लगते ही शासन ने निदेशक वित्त का कार्यकाल बढ़ाने से मना कर दिया है। अब उनकी जगह नए निदेशक वित्त संजय मेहरोत्रा ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। ऐसे में निधि कुमार नारंग द्वारा तैयार किए गए निजीकरण प्रस्ताव को तत्काल रद्द किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed