यूपी: विधान परिषद की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को 14.81 लाख मतदाता करेंगे वोट; 72 जिलों में होगी वोटिंग
UP Legislative Council elections: यूपी विधान परिषद की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को चुनाव होना है। इनमें से पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक की सीटें हैं।
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के लिए शुक्रवार को मतदान होगा। मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक चलेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर प्रदेश के सभी 72 जनपदों में मतदान कराया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इन चुनावों में कुल 14,81,310 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके लिए 2,697 मतदान स्थल बनाए गए हैं। चुनाव मैदान में कुल 152 प्रत्याशी हैं।पांच खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी और बरेली-मुरादाबाद शामिल हैं। वहीं, छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद हैं।
मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने 11 प्रेक्षक तैनात किए हैं। इसके अतिरिक्त 1041 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 456 जोनल मजिस्ट्रेट भी लगाए गए हैं। मतदान स्थलों पर माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती के साथ वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए 1108 भारी वाहन, 1737 हल्के वाहन और 12,309 मतदान कार्मिक लगाए गए हैं।
मतदाताओं को मतदान से पहले अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि किसी मतदाता के पास यह पहचान पत्र नहीं है, तो वह निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाकर अपनी पहचान साबित कर सकता है। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों अथवा अन्य निजी औद्योगिक घरानों द्वारा कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान पत्र, सांसदों-विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को जारी आधिकारिक पहचान पत्र, संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक के रूप में मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान का पहचान पत्र, विश्वविद्यालय की डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाणपत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाणपत्र और विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) शामिल हैं।
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विधान परिषद के लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 के लिए शुक्रवार को मतदान होगा। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 1,16,491 वोटर मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसके लिए बनाए गए 259 बूथों पर बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे रमाबाई रैली स्थल से पोलिंग पार्टियां मतपेटिका और मतपत्र के साथ रवाना हुईं। जिलाधिकारी विशाख जी. ने बताया कि मतदान सुबह आठ से शाम चार बजे तक होगा।
जिले के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 96,070 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 20,421 मतदाता हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कुल 259 मुख्य और सहायक मतदान बूथ बनाए गए हैं। सरोजनीनगर में सबसे अधिक 16,935 मतदाता हैं। इसके बाद लखनऊ पूर्व में 15,740 और बख्शी का तालाब में 13,457 मतदाता हैं। लखनऊ उत्तर में 11,791 और लखनऊ पश्चिम में 11,052 मतदाता हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सरोजनीनगर में 3585, लखनऊ पश्चिम में 3383 और लखनऊ उत्तर में 3253 मतदाता हैं। डीएम ने बताया कि मतदाताओं को पहचान पत्र साथ रखना होगा। सील मतपेटियां आशियाना स्थित रमाबाई रैली स्थल के संग्रहण केंद्र पहुंचाई जाएंगी। मतगणना 27 अक्तूबर को होगी।
वोटर कार्ड नहीं तो ये दस्तावेज मान्य
वोटर कार्ड नहीं होने पर मतदाता का आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, सरकारी सेवा का पहचान पत्र, डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड समेत निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेज में से कोई एक मान्य होगा। मतपत्र पर निशान लगाने के लिए पीठासीन अधिकारी की ओर से उपलब्ध कराया बैंगनी रंग का स्केच पेन ही इस्तेमाल करना होगा। मतदाता अपने पेन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
बूथ के 100 मीटर के दायरे में पाबंदी
मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में टेबल, पोस्टर, झंडे, लाउडस्पीकर और प्रचार सामग्री प्रतिबंधित रहेगी। अनधिकृत वाहन खड़े करने और भीड़ जुटाने की भी अनुमति नहीं होगी।
लखनऊ स्नातक सीट के चुनाव में मतदान केंद्रों की होगी वीडियोग्राफी
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बृहस्पतिवार को चुनाव आयोग के आश्वासन पर लखनऊ डिवीजन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में मतदान की कार्यवाही की निरंतर वीडियोग्राफी की मांग वाली याचिका का निपटारा कर दिया। क्योंकि, केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने अदालत को आश्वासन दिया कि रिटर्निंग अफसरों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार वीडियोग्राफी की जाएगी।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने प्रतिवादियों की ओर से दिए गए आश्वासन के कथन के आधार पर 22 अक्टूबर को याचिका का निपटारा कर दिया।
याचिकाकर्ता शैलेंद्र सिंह ने कहा कि वह लखनऊ डिवीजन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान परिषद के चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। प्रतिपूर्ति अधिकारी द्वारा 9 अक्टूबर, 2026 को जारी प्रपत्र 7बी में उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम क्रमांक 13 पर है। उनकी शिकायत चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से संबंधित है। इसके मद्देनजर उन्होंने मतदान की कार्यवाही की निरंतर वीडियोग्राफी की मांग की थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों पर, केंद्रीय चुनाव आयोग के वरिष्ठ वकील ने प्रारंभ में ही कोर्ट को बताया कि उपरोक्त पुस्तिका के अनुच्छेद 49 के अनुपालन के लिए पहले ही प्रावधान किया जा चुका है और वीडियोग्राफी उक्त पुस्तिका में दिए गए प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। उनका यह कथन दर्ज करते हुए खंडपीठ ने कहा, "तदनुसार, इस न्यायालय के समक्ष प्रतिवादियों की ओर से दकिए गए कथन के आधार पर रिट याचिका का निपटारा किया जाता है।"