फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Due to flood and lack of food, wolves are becoming man-eaters, hence they are running away from the field

यूपी: भोजन की कमी और बाढ़ के चलते भेड़िए हो रहे आदमखोर, खेतों से भागकर इसलिए पहुंच रहे हैं आबादी में

Wed, 04 Sep 2024 06:49 AM IST
रोहित मिश्र गौरी त्रिवेदी, अमर उजाला, लखनऊ
गौरी त्रिवेदी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 04 Sep 2024 06:49 AM IST
सार

Wolf terror in UP: यूपी में बहराइच के अलावा कई ऐसे जिले हैं जो इन दिनों आदमखोर भेड़ियों के चपेट में हैं। आखिर भेड़िए इतने हिंसक और आदमखोर क्यों हो गए? 

विज्ञापन
UP: Due to flood and lack of food, wolves are becoming man-eaters, hence they are running away from the field
यूपी के कई जिले भेड़ियों से प्रभावित। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आखिर भेड़ियों के आदमखोर होने की वजहें क्या हैं? इस सवाल का यकीनी तौर पर कोई मुकम्मल जवाब तो नहीं है, फिर भी विशेषज्ञ जंगलों के कटान, जानवरों के रहन-सहन में मानव की दखलअंदाजी को प्रमुख वजहें मानते हैं। बाढ़ और रसायनिक खादों, पेस्टिसाइड के अंधाधुंध इस्तेमाल को भी उनके व्यवहार में बदलाव की वजह माना जा रहा है।

विज्ञापन


वन्य जीव विशेषज्ञ व वन निगम के उत्पादन विभाग के महाप्रबंधक संजय पाठक कहते हैं, भेड़िये के स्वभाव पर लगातार अध्ययन चल रहा है। बहरहाल, भेड़िया एक ऐसा जानवर है जो मानव का दोस्त माना जाता है। भेड़ियों के स्वभाव में जैसा परिवर्तन देखने को मिल रहा है, वह निस्संदेह चिंतित करने वाला है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


बाढ़ है एक बड़ी वजह
पाठक बताते हैं कि भेड़िया एक ऐसा जानवर है, जो नदी के किनारों पर रहता है। यूपी के जिन इलाकों में इसकी संख्या ज्यादा है, उनमें ज्यादातर बाढ़ प्रभावित हैं। इसी वजह से भेड़िया गांवों की तरफ रुख कर रहा है। रसायनिक खादों और पेस्टिसाइड के इस्तेमाल से भेड़िया खेतों से दूर भागते हैं। उनके लिए खेतों में भोजन नहीं बचा है, जिससे वे आबादी की ओर पलायन करते हैं। भोजन नहीं मिलना भी स्वभाव में बदलाव की बड़ी वजह हो सकता है।


जंगलों का कटान भी भेड़ियों के हमलावर होने के पीछे एक प्रमुख कारण है। जंगलों में हर मोड़ पर व्यवधान बना दिए गए हैं। सड़कों पर स्ट्रीट लाइटों की संख्या बढ़ी है। भेड़िये कम रोशनी वाली जगह से सड़क पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे वे दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। बलरामपुर, बहराइच, सुल्तानपुर, लखीमपुर, श्रावस्ती, बहराइच जैसे जिलों के बाढ़ आने पर भेड़िये सुरक्षित ठौर की तलाश में इधर-उधर भागते हैं।

भेड़िया मनुष्य का मित्र, उसके साथ सामंजस्य बिठाएं
पाठक कहते हैं कि भेड़िया हमेशा से मनुष्य का मित्र रहा है। वह बेवजह इंसान पर हमला नहीं करता। वह हमारे जलतंत्र के संरक्षण में भी सहायक है। जलतंत्र के आसपास के इकोसिस्टम को वह सुरक्षित करता है। इसलिए भेडियों से हमें सामंजस्य बिठाना होगा, जैसे हमारे पूर्वज बिठाते थे। मसलन जहां पर आमने-सामने की स्थिति बने, वहां से रास्ता बदल लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed