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UP: बाहर की दवा लिखी तो डॉक्टर होंगे निलंबित, अस्पताल में डॉक्टर के मौजूद न होने पर सीएमएस भी होंगे जिम्मेदार

Fri, 07 Nov 2025 08:40 AM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 07 Nov 2025 08:40 AM IST
सार

यूपी में डॉक्टरों के बाहर से सादी पर्ची पर दवाएं लिखने पर उन्हें निलंबित किया जाएगा। वहीं, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी के समय डॉक्टर के मौजूद न होने पर सीएमएस की भी जिम्मेदारी होगी।

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UP: Doctors will be suspended if they prescribe outside medicine
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Freepik

विस्तार

उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सादी पर्ची पर बाहर की ब्रांडेड दवा लिखने वाले डॉक्टर निलंबित होंगे। इसके अलावा निर्धारित समय पर ओपीडी कक्ष में डॉक्टर के न होने पर संबंधित डॉक्टर के साथ चिकित्सा अधीक्षक व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक भी जिम्मेदार होंगे।

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सरकारी अस्पतालों में उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कार्पोरेशन द्वारा भेजी जाने वाली करीब दो सौ से अधिक दवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा जेनेरिक दवा के लिए जन औषधि केंद्र हैं। डॉक्टरों को सरकारी अस्पताल में मौजूद दवाएं और जेनेरिक दवाएं लिखने का आदेश है, लेकिन कई जगह डॉक्टर सरकारी पर्चे में अस्पताल की कुछ दवाएं लिखने के साथ अलग से सादी पर्ची पर ब्रांडेड दवाएं भी लिखते हैं। ऐसी शिकायतें मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने चेतावनी दी है कि सादी पर्ची पर दवा लिखी मिली तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई होगी।
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इसके अलावा अस्पताल के समय ओपीडी कक्ष से गायब रहने वाले डॉक्टर भी चिह्नित किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक भी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सुधरने की चेतावनी देते हुए कहा कि 15 नवंबर के बाद शासन स्तर की टीमें अलग- अलग जिलों के अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेंगी। अस्पताल अधीक्षक व प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को सुबह से दोपहर दो बजे तक तीन बार पूरे परिसर का राउंड लेकर कमियां सुधारने को कहा।

मरीज कर सकते हैं शिकायत: सादी पर्ची पर बाहर की दवा लिखने पर मरीज संबंधित अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक, अधीक्षक अथवा अन्य उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र दे सकते हैं। सुनवाई नहीं होने पर महानिदेशक स्वास्थ्य को भी पत्र भेज सकते हैं।

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