UP : फर्जी डिग्री रैकेट...ईडी का तीन राज्यों के नौ शहरों में छापा, प्रिंसिपल के आवास पर हुई छानबीन
ईडी ने मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। जिसके बाद आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारा गया। इससे लोगों में अफरातफरी मच गई। लोग इसे लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
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हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री और मार्कशीट रैकेट का एसटीएफ द्वारा खुलासा करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पवितार को आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारा। ईडी की टीमें हापुड, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, उन्नाव, लखनऊ, हरियाणा के सोनीपत, फरीदाबाद के साथ दिल्ली में 16 ठिकानों को खंगाल रही हैं। खासकर मुख्य आरोपी विजेंद्र सिंह हुड्डा और उसके पार्टनर सुधीर गिरि के शैक्षणिक संस्थानों में छानबीन करके इस रैकेट से जुड़े सुबूत जुटाए जा रहे हैं।
बता दें कि ईडी ने इस मामले में करीब चार माह पूर्व एसटीएफ से जांच से संबंधित जानकारी जुटाने के बाद मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया था, जिसके बाद बृहस्पतिवार को आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारा गया। ईडी की टीमों ने हापुड़ में मोनाड यूनिवर्सिटी और उसके अधिकारियों एवं कर्मचारियों के ठिकानों, मेरठ में विजेंद्र सिंह हुड्डा के आवास, हरियाणा में फर्जी डिग्री और मार्कशीट बनाने वाले गिरोह के सदस्यों के ठिकानों आदि पर केंद्रीय बलों के साथ छापा मारा और कई अहम सुबूत जुटाए।
उन्नाव के सोहरामऊ स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज में भी ईडी की टीम ने छानबीन की है। कॉलेज के चेयरमैन सुधीर गिरि हैं, जिनके पश्चिमी उप्र में कई शैक्षणिक संस्थान हैं। अधिकारियों के मुताबिक दोनों मेरठ में साझीदारी में एक शैक्षणिक संस्थान का संचालन भी करते हैं। इसके अलावा सरस्वती मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल अखिलेश मौर्या के गोमतीनगर विस्तार स्थित आवास पर भी ईडी की टीम ने दो घंटे तक छानबीन की।
बाइक बोट घोटाले का मास्टरमाइंड
बता दें कि विजेंद्र सिंह हुड्डा बहुचर्चित बाइक बोट घोटाले का मास्टरमाइंड भी है। उसके खिलाफ 100 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अधिकारियों के मुताबिक उसने मेरठ निवासी सुधीर गिरि के साथ मिलकर कई शैक्षणिक संस्थानों में करोड़ों रुपये निवेश किए हैं, जो बाइक बोट घोटाले से जुटाई गई रकम बताई जा रही है। बता दें कि एसटीएफ ने बीती 15 मई को मोनाड यूनिवर्सिटी में छापा मारकर बीएड, बीए, एलएलबी, फार्मासिस्ट, बीटेक आदि की फर्जी डिग्री और मार्कशीट बेचने के रैकेट का भंडाफोड़ किया था।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी संजीव दीक्षित के नेतृत्व में टीम ने यूनिवर्सिटी के 10 संचालकों एवं कर्मियों चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा, चांसलर नितिन कुमार सिंह, पीए ऑफ चेयरमैन मुकेश ठाकुर, हेड ऑफ वेरिफिकेशन डिपार्टमेंट गौरव शर्मा, विपुल ताल्यान, एडमिशन डायरेक्टर इमरान, अकाउंटेंट अनिल बत्रा, कुलदीप, सनी कश्यप और फर्जी डिग्री और मार्कशीट बनाने वाले हरियाणा के पलवल निवासी संदीप सेहरावत को गिरफ्तार किया था। बाद में संदीप के दो अन्य साथियों को भी दबोच लिया गया था।