{"_id":"66995f1cab2411d7ff07abab","slug":"up-dgp-orders-that-know-the-medical-history-before-taking-someone-in-custody-2024-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस अभिरक्षा में मौत: डीजीपी सख्त, बोले - हिरासत में लेने से पूर्व बीमारी का भी लगाएं पता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस अभिरक्षा में मौत: डीजीपी सख्त, बोले - हिरासत में लेने से पूर्व बीमारी का भी लगाएं पता
Fri, 19 Jul 2024 12:01 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 19 Jul 2024 12:01 AM IST
सार
डीजीपी ने जारी निर्देशों में कहा गया कि गंभीर रोग से ग्रसित व्यक्ति को थाने पर नहीं लाया जाए। यदि किन्हीं कारणवश थाने पर लाने के दौरान वह बीमार हो जाता है तो उसे तत्काल अस्पताल ले जाकर इलाज कराया जाए।
विज्ञापन
यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डीजीपी प्रशांत कुमार ने पुलिस अभिरक्षा में होने वाली मौतों के मामलों को लेकर मातहतों को सख्त निर्देश दिया। डीजीपी ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति अथवा अभियुक्त को थाने पर पूछताछ के लिए लाने से पूर्व यह पुष्टि कर ली जाए कि वह पूर्व में किसी गंभीर रोग से ग्रसित तो नहीं है। बता दें कि हाल ही में जालौन में पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के बाद खासा हंगामा हुआ था। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस भी जारी किया है।
विज्ञापन
डीजीपी द्वारा बृहस्पतिवार को जारी निर्देशों में कहा गया कि गंभीर रोग से ग्रसित व्यक्ति को थाने पर नहीं लाया जाए। यदि किन्हीं कारणवश थाने पर लाने के दौरान वह बीमार हो जाता है तो उसे तत्काल अस्पताल ले जाकर इलाज कराया जाए। थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी की जानकारी के बिना थाने अथवा पुलिस चौकी में किसी व्यक्ति को नहीं लाया जाए। यदि किसी कारणवश लाया गया है तो उसे तत्काल दस्तावेजों में दर्ज किया जाए।
विज्ञापन
थाने पर किसी भी व्यक्ति से पूछताछ मनोवैज्ञानिक तरीके से पूरे धैर्य के साथ की जाए। इस दौरान जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहें। इसका विवरण भी रजिस्टर में दर्ज किया जाए। अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं हवालात में दाखिल करते वक्त अदालत के आदेशों का पालन किया जाए। पुलिस अभिरक्षा में किसी की मृत्यु होने पर तत्काल मानवाधिकार आयोग को सूचना दी जाए।
विज्ञापन