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सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की अफवाहों पर न दें ध्यान- डीजीपी ओमप्रकाश सिंह
Thu, 18 Jul 2019 11:28 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 18 Jul 2019 11:28 AM IST
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OP SINGH UP DGP
- फोटो : अमर उजाला
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डीजीपी ओमप्रकाश सिंह बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश में अपराधों में कमी होने का दावा कर रहे थे, दूसरी तरफ सोनभद्र में भूमि विवाद को लेकर हुए संघर्ष में 10 लोगों की हत्या हो गई और संभल में दो पुलिस कर्मियों को गोली मार बंदी भाग निकले।
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डीजीपी ने यूपी एटीएस द्वारा बुधवार को बरेली से 50 हजार के इनामी माओवादी की गिरफ्तारी की जानकारी दी। साथ ही प्रदेश में संगीन वारदातों समेत अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों और महिलाओं के प्रति अपराधों में उल्लेखनीय कमी के आंकड़े पेश किए। उन्होंने पुलिस की सक्रियता के चलते प्रदेश में कोई सांप्रदायिक हिंसा न होने का दावा करते हुए कहा कि कुछ तत्व अफवाह फैलाकर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, इन अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। अलीगढ़ व उन्नाव में हुई वारदात का हवाला भी दिया। कहा कि पुलिस चौकस है और बड़े पैमाने पर निरोधात्मक कार्यवाही की गई है।
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364 पुलिस कर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति
डीजीपी ने कहा कि शासन की नीति के तहत ड्यूटी के प्रति उदासीनता बरतने वाले 364 अराजपत्रित अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा चुकी है। इनमें 11 इंस्पेक्टर, 57 सब इंस्पेक्टर, 8 सब इंस्पेक्टर (लिपिक), 80 हेड कांस्टेबल, 200 कांस्टेबल व चतुर्थ श्रेणी कर्मी शामिल हैं। पीपीएस व आईपीएस अफसरों के काम की भी स्क्रूटनी चल रही है। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहा कि इस वर्ष बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों के प्रमोशन किए जाएंगे। फोर्स में भर्तियों को लेकर जारी प्रक्रिया की भी जानकारी दी।
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आधुनिक तकनीक से बेहतर परिणाम देने की कोशिश
डीजीपी ने कहा कि पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक की सहायता ली जा रही है। केस डायरी भी ऑनलाइन लिखी जा रही हैं। जल्द ही सभी को टैबलेट मुहैया करा दी जाएंगे, ताकि घटनास्थल से ही तथ्यों को ऑनलाइन रखा जा सके। थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि एफआईआर दर्ज करने में कोताही न की जाए। अभियोजन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) रोज रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर इस पर ध्यान रखते हैं। अग्निशमन विभाग की एनओसी लेने से लेकर एफआईआर दर्ज कराने तक की ऑनलाइन सुविधा शुरू की जा चुकी है। साइबर अपराधोें की रोकथाम के लिए विशेषज्ञ अधिकारी की तैनाती की गई है। छह नए साइबर थाने खोलने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
5873 नए पद सृजित
डीजीपी ने कहा कि पुलिस विभाग में 5873 नए पद सृजित किए गए। इनमें 19 राजपत्रित अधिकारियों, 209 इंस्पेक्टर, 573 सब इंस्पेक्टर के पद शामिल हैं। लखनऊ, बदायूं व गोरखपुर में तीन महिला वाहिनियां व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक वाहिनी स्थापित की जानी है। पुलिस कर्मियों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए सुल्तानपुर व जालौन में नए केंद्र खोले गए हैं।