फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP DGP addresses police pensioners.

हमारे ही कारण कम हो रहा है पुलिस सेवा का आकर्षण: यूपी डीजीपी ओम प्रकाश सिंह

Thu, 05 Apr 2018 12:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 05 Apr 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
UP DGP addresses police pensioners.
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह - फोटो : amar ujala

पुलिस सेवा का आकर्षण हम खुद ही खो रहे हैं। हम आपसी संवाद से दूर हैं। लखनऊ में भी रह कर लगता है कि किसी आईलैंड में रह रहे हैं। बुधवार को महानगर स्थित रेडियो मुख्यालय के सभागार में डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने पेंशनर्स के गिले शिकवे सुनने के बाद यह बात कही।

विज्ञापन


डीजीपी ने अफसरों को हिदायत दी कि वे पुलिस पेंशनर्स की समस्याओं को बिना हिचक दूर करें, क्योंकि हम सबको भी एक दिन इसी क्लब में शामिल होना है। कहा कि पुलिस पेंशनर्स परिवार के सदस्य हैं, वे चाहे जिस रैंक के हों उनसे सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो यह हमारी विफलता है। 20-25 साल से पेंशनर्स कल्याण संस्थान का स्वरूप एक जैसा है। इसमें समय के साथ बदलाव होना चाहिए।
विज्ञापन


प्रदेश में कितने पुलिस पेंशनर्स हैं इसका कोई आंकड़ा नहीं है। इनका डाटाबेस रखने की जरूरत है। इसे तैयार करने का काम शुरू किया गया है। कल्याण संस्थान के सुधार के लिए एक कंसल्टेंट रखने की जरूरत है। कंसल्टेंट इसकी बेहतरी के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करे और उस पर काम हो। कहा कि बहुत से ऐसे शासनादेश, ऑर्डर या सर्कुलर आते हैं जो रिटायर्ड पुलिस कर्मियों के लिए कारगर होते हैं लेकिन कोई डाटाबेस न होने से यह जानकारी उन तक नहीं पहुंच पाती।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीजीपी ने कहा कि पेंशनर्स कल्याण समिति के अध्यक्ष ईश्वर चंद्र द्विवेदी ने जिन बिंदुओं को यहां रखा है, उसके बारे में एडीजी पुलिस मुख्यालय बीपी जोगदंड ने कई आश्वासन दिए हैं। वह सही सलामत जमीन पर उतरें, इसके लिए प्रार्थना करता हूं।


तब एक कोने में बैठ जाता था
डीजीपी ने कहा, पिछले कई साल से  पुलिस वीक मनाने की परंपरा रही है। हमारे पास संसाधन कम थे, तब यही हॉल पुलिस वीक का मुख्य केंद्र हुआ करता था। पुरानी यादें ताजा करते हुए उन्होंने कहा, जब वह एएसपी या एसपी के रूप में पुलिस वीक में आते थे तो भयभीत होकर एक कोने में बैठ जाते और सामने बैठे अफसरों की बातें सुनते। कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसी हॉल में डीजीपी के रूप में इस मंच से आपको संबोधित करने का मौका मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed