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यूपी: नवरात्र में देवी मंदिरों में गूंजेंगे देवी गीत व दुर्गा सप्तशती का पाठ, प्रमुख मंदिरों में होंगे आयोजन
Sat, 10 Oct 2026 07:11 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sat, 10 Oct 2026 07:11 PM IST
सार
26 प्रमुख देवी मंदिरों में इन आयोजनों के जरिए शक्ति आराधना की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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विंध्याचल मंदिर व बलरामपुर का मंदिर।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो रहे हैं। नवरात्र में प्रदेश के 24 जिलों के 26 प्रमुख देवी मंदिरों में शक्ति आराधना के साथ महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश गूंजेगा। मिशन शक्ति के तहत 17, 18 और 19 अक्तूबर को प्रदेश के चयनित मंदिरों में तीन दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें पारंपरिक देवी गीतों के साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ भी होगा।
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नवरात्र की सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर होने वाले कार्यक्रमों में देवी गीतों की पारंपरिक गायन शैली को प्रमुखता दी जाएगी। इन आयोजनों के जरिए शक्ति आराधना की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मिशन शक्ति के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से महिलाओं व बालिकाओं के प्रति सम्मान और उनकी सुरक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। साथ ही देवी गायन और दुर्गा सप्तशती पाठ के जरिए नवरात्रि की परंपराओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इनसे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में नवरात्र से जुड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को मंच मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों के आयोजन के लिए 28.08 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत बजट कलाकारों के मानदेय और यात्रा व्यय के लिए भी खर्च होगा। चयनित 26 स्थलों पर तीन दिवसीय कार्यक्रमों में भाग लेने वाले कलाकारों को निर्धारित व्यवस्था के तहत मानदेय दिया जाएगा। उनके यात्रा खर्च का भुगतान किया जाएगा। संस्कृति विभाग की ओर से स्थानीय प्रशासन के सहयोग से कलाकारों का चयन आदि किया जाएगा।
विंध्याचल से नैमिषारण्य तक होंगे आयोजन
कार्यक्रमों के लिए चुने गए प्रमुख मंदिरों में मिर्जापुर का मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर, सोनभद्र का ज्वाला देवी मंदिर, भदोही का सीता समाहित स्थल, प्रयागराज का अलोपी देवी मंदिर और ललिता देवी मंदिर, कौशांबी का कदवासिनी मंदिर, बलरामपुर का देवीपाटन मंदिर, सीतापुर का नैमिषारण्य स्थित ललिता देवी मंदिर और सहारनपुर का शाकंभरी देवी मंदिर शामिल हैं। इसके अलावा मथुरा का कात्यायनी देवी मंदिर, जौनपुर का मां शीतला चौकिया धाम, प्रतापगढ़ का बेल्हा देवी मंदिर, वाराणसी का विशालाक्षी देवी मंदिर और उन्नाव का चंडिका देवी मंदिर भी शामिल हैं।
इसके साथ ही अन्य चयनित स्थलों में औरैया का देवकाली मंदिर, गोरखपुर का मां तरकुलहा देवी धाम, मऊ का मां शीतला माता स्थल, चित्रकूट का शिवानी देवी मंदिर, हमीरपुर का गायत्री शक्ति पीठ, जालौन के कोंच स्थित बैरागढ़ माता मंदिर, कानपुर देहात के घाटमपुर स्थित कुष्मांडा देवी मंदिर, मैनपुरी का शीतला माता मंदिर, फिरोजाबाद का चामुंडा माता मंदिर, लखनऊ के चंद्रिका देवी और संकटा देवी मंदिर तथा फर्रुखाबाद का गुरुग्राम देवी मंदिर शामिल हैं।