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UP: फर्जी IPO के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी, मास्टरमाइंड नागपुर से गिरफ्तार; निवेश एप से फंसाता था
Mon, 03 Aug 2026 07:52 PM IST
Akash Dwivedi
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Mon, 03 Aug 2026 07:52 PM IST
सार
फर्जी आईपीओ और निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। सोशल मीडिया, मोबाइल एप और फर्जी वेबसाइट के जरिए निवेशकों को झांसे में लिया जाता था। मामले में हजारों शिकायतें दर्ज हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
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अनुराग अरविंद श्रीवास्तव
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
सोशल मीडिया पर फर्जी आईपीओ और शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड अनुराग अरविंद श्रीवास्तव को एसटीएफ ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें नौ लखनऊ के साइबर क्राइम थाने में हैं।
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एसटीएफ के सीओ सुधांशु शेखर ने बताया कि आरोपी अपने साथियों के साथ माई ग्राउंड11 गेमिंग जोन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से गेमिंग प्लेटफॉर्म चलाता था। गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए लोगों को फर्जी आईपीओ और शेयर बाजार में निवेश का लालच देता था। इसके लिए फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप तैयार किए गए थे। निवेशकों से अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई जाती थी और एप पर फर्जी मुनाफा दिखाकर उनसे करोड़ों रुपये ठग लिए जाते थे।
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आरोपी के कब्जे से लैपटॉप, आईफोन, तीन फर्मों की मोहरें, टाटा नेक्सन कार, 139 दस्तावेज, छह चेकबुक, दो बिना हस्ताक्षर वाले करोड़ों रुपये के चेक, एक कैंसिल चेक और दो सिम कार्ड बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए निवेशकों को फंसाया जाता था। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर गिरोह के खिलाफ 3087 शिकायतें दर्ज हैं। जांच के दौरान दो करोड़ रुपये बैंक खातों में फ्रीज कराए गए हैं, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
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