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UP: रोहिंग्या-बांग्लादेशी औरतों व बच्चों की तस्करी में कोर्ट का सख्त फैसला, नौ लोगों को सुनाई सजा

Thu, 09 Apr 2026 10:04 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Thu, 09 Apr 2026 10:04 PM IST
सार

लखनऊ में एटीएस-एनआईए कोर्ट ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी महिलाओं व बच्चों की तस्करी करने वाले नौ दोषियों को सात से आठ वर्ष तक की सजा सुनाई। आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया। यह गिरोह सीमा पार कर लोगों को भारत लाकर शोषण और अवैध गतिविधियों में शामिल करता था।

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UP Court Delivers Strict Verdict Trafficking Rohingya Bangladeshi Women and Children; Nine Sentence
कोर्ट का फैसला - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

रोहिंग्या और बांग्लादेशी औरतों व बच्चों को अवैध रूप से बॉर्डर पार कराकर उनकी तस्करी करने के नौ आरोपियों को सजा सुनाई गई है। एटीएस, एनआईए के विशेष न्यायाधीश जैनेन्द्र कुमार पांडेय ने दोषी ठहराते हुए बांग्लादेशी मोहम्मद नूर, रोहिंग्या रहमतुल्ला, शबीउररहमान, इस्माइल, अब्दुल शकूर, आले मियां, मोहम्मद रफीक, बप्पन एवं मोहम्मद हुसैन को सजा और जुर्माने से दंडित किया है।

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कोर्ट ने नूर को आठ वर्ष कैद और 3900 रुपये, रहमत उल्लाह को आठ वर्ष कैद और दो हजार रुपये, इस्माइल को आठ वर्ष कैद और दो हजार रुपये, शबीउररहमान को आठ वर्ष की कैद और 1500 रुपये, अब्दुल शकूर को सात वर्ष की कैद और 2900 रुपये, आले मियां को सात वर्ष की कैद और 2900 रुपये, मोहम्मद रफीक को आठ वर्ष की कैद और 3900 रुपये, बप्पन को आठ वर्ष की कैद और 3900 रुपये और मोहम्मद हुसैन को आठ वर्ष की कैद और 3400 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।

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भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सक्रिय थे

कोर्ट में एटीएस की ओर से बताता गया कि जानकारी मिल रही थी कि एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह है, जो भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सक्रिय है। यह सिंडीकेट म्यांमार के रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी नागरिकों जिनमें मुख्य रूप से महिलाएं व बच्चे शामिल हैं उन्हें प्रलोभन देकर धोखाधड़ी करके शोषण करने के लिए मानव तस्करी कर भारत में ला रहे हैं। कहा गया कि अवैध रूप से भारत लाई गई महिलाओं का विवाह के नाम पर शोषण किए जाने के लिए असामाजिक तत्वों को बेच दिया जाता है।

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वहीं, पुरुषों और बच्चों को विभिन्न फैक्टरियों में काम दिलाने के बहाने आर्थिक शोषण किया जाता है। इस जानकारी पर एटीएस ने आरोपी नूर मोहम्मद का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि आरोपी अपने साथ रोहिंग्या महिला और पुरुषों को बांग्लादेश के रास्ते भारत लाकर ट्रेन से दिल्ली ले जा रहा है।

वह 26 जुलाई 2021 को दिल्ली पहुंचकर रोहिंग्याओं को दलालों को बेच देगा। इसके बाद एटीएस की टीम ने गाजियाबाद स्टेशन से आरोपी मोहम्मद नूर को गिरफ्तार करके रोहिंग्या महिला और पुरुषों को मुक्त कराया था। बाद में आरोपी की निशानदेही पर एटीएस ने दिल्ली स्टेशन से रहमतुल्लाह को भी गिरफ्तार किया था।

पैसा लेकर बॉर्डर पार कराते थे

दोनों आरोपियों ने एटीएस को पूछताछ में बताया कि त्रिपुरा में बांग्लादेश बॉर्डर पर उनके सिंडिकेट के लोग रोहिंग्या और बांग्लादेशी लोगों को पैसा लेकर बॉर्डर पार कराते हैं और मोटी रकम लेकर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराते हैं। नूर ने बताया कि रोहिंग्या इस्माइल और रहमतुल्लाह के कहने पर शबीउररहमान के साथ मिलकर लोगों को अवैध रूप से भारत लाते हैं। मामले की विवेचना के दौरान सामने आया कि इस अवैध मानव तस्करी में अन्य आरोपी भी शामिल हैं।

 

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