फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Congress will have to make its party strong to get success in state.

UP Congress:यूपी में कांग्रेस को पास होने के लिए देनी होगी कड़ी परीक्षा, सिर्फ नेतृत्व बदलने से नहीं चलेगा काम

Sun, 16 Oct 2022 10:26 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 16 Oct 2022 10:26 AM IST
सार

यूपी में कांग्रेस बेहद कमजोर स्थिति में है। इससे उबरने के लिए पार्टी को जिलास्तर पर संगठन मजबूत करना होगा सिर्फ नेतृत्व बदलने से काम नहीं चलेगा। जानें, क्या कहते हैं विशेषज्ञ: 

विज्ञापन
UP Congress will have to make its party strong to get success in state.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

यूपी में चुनावी राजनीति में पास होने के लिए कांग्रेस को कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। सिर्फ आंदोलन करने या नेतृत्व बदलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिला व शहर स्तर पर भी मजबूत संगठन तैयार करना होगा। लोकसभा चुनाव से पहले इस पर फोकस करने से ही किसी भी तरह का जातिगत समीकरण पार्टी के लिए मददगार साबित हो सकता है।

विज्ञापन


वर्तमान में कांग्रेस यूपी में अपने संसदीय इतिहास के सबसे कमजोर दौर में है। विधान परिषद से वह साफ हो चुकी है, जबकि विधानसभा में पार्टी के मात्र दो सदस्य हैं। इस स्थिति से उबरने के लिए जहां राष्ट्रीय स्तर पर नए नेतृत्व को कमान सौंपने की तैयारी है, वहीं प्रदेश में भी नए नेतृत्व को कमान सौंपी गई है। इसमें दलित, ब्राह्मण और मुस्लिम समीकरणों को साधने की भरपूर रणनीति तैयार की गई है।
विज्ञापन


यूपी की राजनीति के जानकार व दिल्ली विवि के शिक्षक डॉ. लक्ष्मण यादव कहते हैं कि राजनीति में पैर जमाने के लिए संघर्ष और हर लिहाज से क्षमतावान नेतृत्व आवश्यक है। लेकिन यह काफी नहीं होता। प्रदेश की राजनीति में वही सफल होता है, जिसका जमीन पर संगठन हो और जो आम लोगों से मिल रहे समर्थन को वोट में बदल सके। प्राय: देखने में आता है कि बूथ स्तर पर संगठन न होने से प्रतिद्वंद्वी स्थानीय नेता जातिगत समीकरण दूसरी ओर मोड़ने में कामयाब हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेएनयू के सेवानिवृत्त प्रो. आनंद कुमार कहते हैं कि राजनीति में मतदाता सबसे पहले यह देखता है कि भविष्य में कोई मुसीबत आने पर सबसे पहले उसके साथ किस पार्टी का नेता खड़ा हो सकता है। इस तरह की मुसीबत में सबसे ज्यादा पुलिस थानों और तहसीलों के मामले होते हैं। जो पार्टी स्थानीय स्तर पर ऐसे मददगार कार्यकर्ताओं को तैयार कर पाती है, वही चुनाव में निखर कर सामने आती है। कांग्रेस को इस बात को ध्यान में रखकर अपनी दूरगामी रणनीति तैयार करनी होगी। ताकि, तात्कालिक विफलताओं से निराश हुए बिना आगे बढ़ा जा सके। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed